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महादेवा फाल्गुनी मेला 21 दिन बाद, तैयारियों अधूरी

महादेवा फाल्गुनी मेला 21 दिन बाद, तैयारियों अधूरी

संक्षेप:

Barabanki News - रामनगर के लोधेश्वर महादेवा मंदिर में फाल्गुनी मेले की शुरुआत में केवल 21 दिन बचे हैं, लेकिन प्रशासनिक तैयारियों में कोई हलचल नहीं है। लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना को देखते हुए, समय पर आवश्यक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का होना बेहद जरूरी है। अगर तैयारी में देरी हुई, तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो सकता है।

Jan 10, 2026 07:27 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बाराबंकी
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रामनगर। प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेवा में फाल्गुनी मेला शुभारंभ में अब महज 21 दिन बचे हैं। लेकिन अभी तक मेला तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई सुगबुगाहट दिखाई नहीं दे रही है। इस मेले में लाखों लोगों की भीड़ जुटती है जिससे तमाम तैयारियां बहुत पहले से ही शुरू करनी पड़ती है। अभी सभी विभाग सुस्त दिख रहे जिससे व्यवस्थित तैयारियों पर संदेह बना हुआ है। लोधेश्वर महादेवा मंदिर लाखों शिव भक्तों की आस्था का केंद्र है जहां पांच फरवरी से फाल्गुनी मेला शुरू हो जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए तमाम सुविधाओं से लेकर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम मेले में होते हैं।

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कानपुर, उन्नाव, फतेहपुर, कन्नौज, इटावा, उरई, जालौन आदि जनपदों के श्रद्धालु कांवर में गंगा जल लेकर यहां आते हैं। मेला दस दिनों तक चलता है जो शिवरात्रि पर खत्म हो जाता। इस बार 15 फरवरी को शिवरात्रि है। इस लिए पांच फरवरी से मेला शुरू हो जाएगा। यहां अभी लोधौरा चौराहे पर सड़क किनारे भारी जलभराव बना हुआ है वहीं मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार की ओर लगने वाली श्रद्धालुओं की लाइन के किनारे कई बड़े और गहरे गड्ढे कारीडोर के लिए खुदे पड़े हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इन गड्ढों के चारों ओर टीन लगाना अनिवार्य होगा ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। इसके अलावा मंदिर के दक्षिण दिशा में भी खुदाई की गई है जिसे ढकना और सुरक्षित करना जरूरी है। मेले से पहले साफ-सफाई, बैरिकेटिंग, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम सहित तमाम ऐसे कार्य हैं जिनमें काफी समय लगता है। यदि वास्तविक रूप से काम के लिए 15 दिन ही माने जाएं तो शेष समय बेहद कम रह जाता है। ऐसे में अभी से यदि युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू न की गईं तो अंतिम समय तक पुख्ता इंतजाम होने में संशय रहेगा। फाल्गुनी मेले की तैयारियो पर यदि जिलाधिकारी संज्ञान ले तो समय से सारी व्यवस्थाएं होकर श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से मेले का आनंद ले सकेंगे।