Barabanki News: लोधेश्वर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
Barabanki News: सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को लोधेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जलाभिषेक और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का आना रविवार शाम से ही शुरू हो गया था। बारिश के कारण श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए।

Barabanki News: रामनगर। सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को प्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी। अंतिम सोमवार को जलाभिषेक और दर्शन के लिए रविवार शाम से ही दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन व पुलिस ने पुख्ता व्यवस्था की हैं।
सुरक्षा व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वाहनों को मंदिर के नजदीक जाने से रोकने की व्यवस्था पूर्ववत लागू रहेगी। भक्तों को केसरीपुर क्रासिंग और ऑडिटोरियम क्षेत्र से पैदल करीब दो तीन किमी दूर मंदिर की ओर भेजा जाएगा। भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल के साथ बैरिकेडिंग भी की गई है ताकि जलाभिषेक के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। रविवार को हुई बारिश ने श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ाई क्योंकि जलभराव के साथ कीचड़ फैल गया। पैदल चलने में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के बीच पहुंचे श्रद्धालुओं को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा। यदि सोमवार को भी बारिश हुई तो आडिटोरियम के पार्किंग पास स्थल पर समस्या बढ़ने की आशंका है।
श्रद्धालुओं की संख्या
अंतिम सोमवार को बड़ी संख्या में कांवड़िये और श्रद्धालु लोधेश्वर महादेव का जलाभिषेक करने पहुंचेंगे। प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने के साथ श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन और सुरक्षित दर्शन कराना ही लक्ष्य है। एसडीएम आकांक्षा गुप्ता, सीओ गरिमा पंत, तहसीलदार विपुल कुमार सिंह, कोतवाल अरुण प्रताप सिंह मेला परिसर में डटे हुए थे। अभरन व वो तालाब में पानी अधिक होने से एक और बैरिकेडिंग लगाई गई है।
पुत्रदा एकादशी
पुत्रदा एकादशी पर महादेवा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़: सावन शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी पर रविवार को लोधेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से शाम तक भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र व पुष्प अर्पित किए और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा। धार्मिक मान्यता के अनुसार पुत्रदा एकादशी संतान सुख, संतान के कल्याण और परिवार की खुशहाली के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं।


