बोले बाराबंकी: सुविधाएं नदारद, कैसे बढ़ेगा कारोबार
Barabanki News - बाराबंकी के तहसील क्षेत्रों में बाजारों में व्यापार बढ़ रहा है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी से व्यापारी और ग्राहक परेशान हैं। पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय और पेयजल की समस्याएं विकराल हो गई हैं। व्यापारियों ने प्रशासन से इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

तहसील क्षेत्र के बाजारों में कारोबार तो बढ़ रहा है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में व्यापारी और खरीददार दोनों ही परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि बाज़ार में कई बुनियादी समस्याएं ऐसी हैं, जिन पर वर्षों से ध्यान नहीं दिया गया। पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने से ग्राहकों को सामान ले जाने में दिक्कत होती है। छोटे दुकानदारों को खुद ही इंतज़ाम करना पड़ता है। कई बाजारों में सार्वजनिक शौचालयों का अभाव सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज़ से आने वाले ग्राहकों को अत्यधिक असुविधा होती है। पेयजल व्यवस्था बदहाल है। हैंडपंप या टंकी की सुविधाएं या तो खराब हैं या पर्याप्त नहीं।
लोगों को पानी की तलाश में भटकना पड़ता है। बाजार खरीददारी करने आने वाले खरीददारों के बैठने की व्यवस्था नहीं है। बाजार में लंबी खरीदारी करने वालों के लिए विश्राम की कोई जगह नहीं हैं, जिससे बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। कई दुकानदारों ने बताया कि बाजार में सड़कों और सफाई व्यवस्था की हालत भी ठीक नहीं, जिससे खरीददारों की आवाजाही प्रभावित होती है। बोले बाराबंकी: सुविधाएं नदारद, कैसे बढ़ेगा कारोबार हसील नवाबगंज, हैदरगढ़, सिरौलीगौसपुर, रामनगर, टिकैतनगर, हरख, मसौली सहित कई क्षेत्र की प्रमुख बाजारों में सड़क पटरी पर तेजी से बढ़ रहे अतिक्रमण ने स्थायी दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फुटपाथ और सड़क के किनारे अस्थायी दुकानें जमने से न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि नियमित कर देने वाले स्थायी व्यापारियों के व्यापार पर भी भारी असर पड़ रहा है। सड़क पटरी पर लगने वाले अस्थायी दुकानदार ग्राहकों को रास्ते में ही रोक लेते हैं, जिससे दुकान तक आने वाली भीड़ कम हो जाती है। कई बार भीड़ बढ़ने से ग्राहकों को उनकी दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है, जिससे बिक्री गिर जाती है। अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है, वाहन जाम लगते हैं और खरीदार बाजार आने से कतराने लगे हैं। अस्थायी दुकानों के चलते सफाई व्यवस्था भी प्रभावित होती है, जिससे बाजार की छवि खराब होती है। कई व्यापारियों ने बताया कि वे दुकान का किराया, बिजली बिल और कर नियमित रूप से देते हैं, लेकिन अतिक्रमण करने वाले बिना किसी व्यवस्था के फुटपाथ पर दुकान लगाते हैं, जिससे उनका आर्थिक नुकसान हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से सड़क पटरी पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाने, बाजार में सुचारु यातायात व्यवस्था बहाल करने और स्थायी व्यापारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की है। लोगों का कहना है यदि जल्द ही कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो बाजार में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती रहेंगी और खरीदारों की भीड़ और घटेगी। टिकैतनगर दरियाबाद बाजारों में सड़क किनारे: टिकैतनगर और दरियाबाद क्षेत्र की बाजारों में पार्किंग की व्यवस्थित व्यवस्था न होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाजारों में रोजाना सैकड़ों वाहन सड़क के दोनों किनारों पर खड़े हो जाते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और जाम लगना आम बात हो गई है। स्थानीय निवासियों से लेकर व्यापारियों और खरीददारों तक सभी इस समस्या से परेशान हैं। बाजारों में पार्किंग स्थल नहीं होने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन सड़कों पर ही खड़े कर दिए जाते हैं। सुबह शाम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, कई बार घंटों तक जाम लगा रहता है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और नौकरी पेशा लोगों को भारी दिक्कत होती है। सड़क पर खड़े वाहन दुर्घटना की आशंका को भी बढ़ा देते हैं। कई बार वाहन हटाने को लेकर लोगों के बीच विवाद भी हो जाता है। कई व्यापारी बताते हैं कि जाम के कारण ग्राहकों की भीड़ कम होती जा रही है, जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ रहा है। स्थानीय लोग कहते हैं कि पहले भी कई बार पार्किंग व्यवस्था बनाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। व्यापारियों और स्थानीय लोगों की मांग की है कि बाजार क्षेत्र में निर्धारित पार्किंग स्थल बनाया जाए। सड़कों पर नो-पार्किंग जोन चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती हो। सार्वजनिक शौचालय महीनों से बंद, लोगों की बढ़ी परेशानियां बाराबंकी। मसौली बाजार में व्यापारियों और खरीददारों की सुविधा के लिए बनाया गया सार्वजनिक शौचालय लंबे समय से बंद पड़ा है। इसके चलते बाजार आने वाले सैकड़ों लोगों विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज़ से आने वाले खरीददारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बाजार में रोजाना बड़ी संख्या में भीड़ जुटती है, लेकिन शौचालय बंद होने के कारण लोग मजबूरन इधर-उधर जगह तलाशते हैं, जिससे स्वच्छता पर भी बुरा असर पड़ रहा है। शौचालय के बाहर ताला लगा होने से बाजार में आने वाली महिलाएं सबसे अधिक परेशान होती हैं। बुजुर्ग और बच्चे भी इस असुविधा की वजह से बाजार में ज्यादा देर नहीं रुक पाते। व्यापारियों का कहना है कि सुविधा न होने के कारण खरीदारों का बाजार में रुकने का समय घट गया है, जिससे उनकी बिक्री पर असर पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद आज तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही कोई कार्रवाई हुई। स्थानीय लोगों की मांगें है कि बंद पड़े शौचालय को तुरंत खोलकर नियमित सफाई शुरू की जाए। पार्किंग और आग सुरक्षा के इंतजाम नहीं बाराबंकी। तहसील क्षेत्र के कई कस्बों और गांवों में लगने वाली साप्ताहिक बाजारों में अव्यवस्था चरम पर है। बाजार वाले दिन जहां भारी भीड़ उमड़ती है, वहीं पार्किंग और आग से बचाव जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं के अभाव में लोग हमेशा जोखिम में रहते हैं। बड़ी जनसंख्या वाले इलाकों में लगने वाली ये बाजारें प्रशासनिक लापरवाही की खुली तस्वीर पेश कर रही हैं। टिकैतनगर, दरियाबाद, सआदतगंज, रामनगर, मसौली व अन्य क्षेत्र की बाजार वाले दिन वाहन खड़े करने के लिए कहीं भी निर्धारित पार्किंग स्थल नहीं होता। लोग सड़कों और गलियों में ही वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे घंटों जाम लगता है। भीड़ बढ़ने पर एम्बुलेंस तक रास्ता नहीं बना पाती, जिससे आपात स्थितियों में मुश्किलें बढ़ जाती हैं। बाजारों में जगह-जगह गैस सिलेंडर से खाना बनाने वाले स्टॉल और ज्वलनशील सामान की दुकानें लगी रहती हैं, लेकिन अग्निशमन उपकरण, पानी की टंकियां या फायर ब्रिगेड की मौजूदगी शून्य रहती है। कहीं भी फर्स्ट-एड केंद्र या मेडिकल मदद की व्यवस्था नहीं रहती, जबकि भीड़भाड़ में चोट लगना आम बात है। स्थानीय जनता ने मांग की है कि साप्ताहिक बाजार वाले दिन अस्थायी पार्किंग स्थल तय किए जाएं। बाजार खुलने से पहले अग्निशमन वाहन की तैनाती की जाए। सिलेंडर की दुकानों को सुरक्षित दूरी पर लगाने का निर्देश दिया जाए। भीड़ और यातायात नियंत्रण के लिए पुलिस बल की नियमित तैनाती अनिवार्य की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि साप्ताहिक बाजार गांवों की अर्थव्यवस्था और आजीविका के लिए बेहद जरूरी हैं। पार्किंग व शौचालय निर्माण की उठाई मांग बाराबंकी। शहर व तहसील के व्यापारियों ने बाजारों में बढ़ती अव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को देखते हुए प्रशासन से पार्किंग स्थल और सार्वजनिक शौचालय निर्माण की मजबूत मांग उठाई है। व्यापारियों का कहना है कि बाजारों में लगातार बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थित यातायात के कारण ग्राहकों का आना-जाना मुश्किल हो गया है, जिससे व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है। पार्किंग स्थल न होने से लोग सड़क किनारे ही वाहन खड़े कर देते हैं, जिसके कारण घंटों जाम लगता है। जाम के कारण ग्राहक बाजार आने से कतराने लगे हैं, जिससे व्यापारियों की बिक्री प्रभावित हो रही है। अधिकतर बाजारों में सार्वजनिक शौचालय नहीं हैं, जिससे खरीददारों और दुकानदारों को बड़ी असुविधा होती है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए शौचालय न होना सबसे बड़ी समस्या के रूप में सामने आया है। इनकी सुनिए प्रशासन बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा दे, तो बाजार में रौनक और व्यापार दोनों कई गुना बढ़ सकते हैं। ग्राहक बिना परेशानी के दुकान तक पहुंचेंगे। -जिज्ञासू गुप्ता बाजारों में सुविधा न होने के कारण खरीदारों का बाजार में रुकने का समय घट गया है, जिससे उनकी बिक्री पर असर पड़ रहा है। -लालता प्रसाद पार्किंग की व्यवस्था हो जाए तो ग्राहक आराम से खरीदारी कर पाएंगे। व्यापार बढ़ेगा और पार्किंग होने से व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी जिससे दुकानदारों को सहूलियत मिलेगी। -ओमकार शर्मा बाज़ार में कई ऐसी समस्याएं ऐसी हैं, जिन पर वर्षों से ध्यान नहीं दिया गया। पाकिंग की उचित व्यवस्था नहीं होने से ग्राहकों को सामान ले जाने में दिक्कत होती है। -मदन गुप्ता भीड़ और जाम के कारण ग्राहक जल्दी-जल्दी खरीदारी कर निकल जाते हैं। जाम खत्म हो तो व्यापार दोगुना होगा। पार्किंग बने तो दुकानें साफ दिखाई देंगी। -प्रदीप मिश्रा बाजार में बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाकर क्षेत्रीय व्यापार को प्रोत्साहन दिया जाए। बाजारों की रौनक के लिए पार्किंग और शौचालय व्यवस्थाएं अनिवार्य हैं। -सतनाम सिंह बोले जिम्मेदार छोटे बड़े सभी व्यापारियों की समस्या का पूरा ध्यान रखा जाता है। व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को सुना जाता है और अधिकारियों से वार्ता करके उनकी समस्याओं का समाधान किया जाता है। - -रोहिताश्व दीक्षित, प्रदेश महांमत्री जन व्यापारी उद्योग व्यापार मंडल बाराबंकी।
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