नीट परीक्षा निरस्त होने पर मेधावी यशी मायूस
बांदा के जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्रा यशी सिंह ने बिना कोचिंग और स्कूल में पढ़ाई किए पहले स्थान पर आने का गौरव हासिल किया। उन्होंने 12-13 घंटे रोज़ पढ़ाई की और ऑनलाइन शिक्षा पर जोर दिया। यशी ने हाल ही में नीट की परीक्षा दी, और डॉक्टर बनकर देश की सेवा करने की इच्छा रखती हैं।

बांदा। शहर के जवाहर नवोदय विद्यालय निवासी आईटीबीपी में तैनात सुरेश सिंह की बेटी यशी सिंह ने बिना कोचिंग व स्कूल में पढ़ाई किए जिले में पहला स्थान हासिल किया। यशी ने बताया कि उन्होंने घर में 12 से 13 घंटे नियमित पढ़ाई की। इसके अलावा ऑनलाइन पढ़ाई में ज्यादा जोर रहा। दो बहनों में बड़ी यशी की मां नीलू सिंह गृहणी हैं। बेटी को यह मुकाम दिलाने में उनका अहम रोल रहा। यशी ने बताया कि उनकी मां ने पढ़ाई के लिए हमेशा प्रेरित किया। पढ़ाई के समय कभी घरेलू किसी कामकाज के लिए नहीं कहा। यशी ने अभी पिछले दिनों ने नीट की परीक्षा दी थी।
परीक्षा निरस्त होने पर वह मायूस हैं, पर विश्वास है कि रि-एक्जाम में वह इससे अच्छे नंबर लाएंगी। एम्स का डाक्टर बनकर वह देशवासियों की सेवा करना चाहती हैं।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


