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खतरे के निशान के करीब यमुना, घट रही केन

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दो दिन तक बढ़ने के बाद केन का पानी घटने लगा है। लेकिन यमुना का जलस्तर लगातार बढ रहा है। यदि इसी रफ्तार से जलस्तर बढ़ा तो सोमवार रात तक यमुना खतरे के निशान को पार कर जाएगी। यमुना के बढ़ते जलस्तर से बबेरू क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

मध्य प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में पिछले दिनों हुई बारिश के कारण केन में अचानक बाढ़ आ गई। 15 अगस्त से केन का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा था। शनिवार को 102.24 मीटर तक पहुंचने के बाद केन का जलस्तर घटने लगा। रविवार दोपहर दो बजे केन नदी का जलस्तर घटकर 97.90 मीटर पर पहुंच गया। केन का जलस्तर घटने से इसके किनारे बसे गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं चंबल में पानी अधिक आने से यमुना में बाढ़ कम नहीं हो रही। रविवार को दोपहर तीन बजे तक यमुना का जलस्तर 98.44 मीटर तक पहुंच चुका था। यमुना प्रति घंटा दो सेंमी की रफ्तार से बढ़ रही है। रविवार रात 12 बजे इसके 99 मीटर तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। केंद्रीय जल आयोग के एसडीओ अमित कुर्डिक ने बताया कि धौलपुर में चंबल का पानी बढ़ने से कोटा बैराज सहित दो बांधों के गेट खोले गए हैं। जिसकी वजह से यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है।

तहसीलदार ने कई गांवों का किया निरीक्षण

बबेरू। तहसीलदार विपिन कुमार ने यमुना नदी में बाढ़ की स्थिति देखते हुए कई गांवों का निरीक्षण किया। औगासी, समगरा, मर्का व मिर्जापुर गांवों में बाढ का असर नजर आने लगा है। मिर्जापुर मजरे का रोड पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। यहां पर लोग नाव के सहारे मार्ग तय कर रहे हैं। तहसीलदार ने इन गांवों को औचक निरीक्षण कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने ग्रामीणों से किसी भी तरह की समस्या होने पर तत्काल संपर्क करने के लिए कहा है। नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है। कुछ मजरों के लोग सामान आदि लेकर सुरक्षित स्थानों के लिए कूच करने लगे हैं।

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  • Web Title: Yamuna near danger mark cane decreasing