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विधानसभा में गूंजा बुन्देलखण्ड में ओलावृष्टि का मुद्दा

विधान सभा

बुन्देलखण्ड में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से तबाह किसानों को मुआवजा दिलाए जाने की मांग बांदा जिले के भाजपा के सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने विधान सभा में उठाई। कहा कि किसान प्राकृतिक आपदा से तबाह हो गया है। ओलावृष्टि से खेतों को ही नहीं बल्कि पशु-पक्षी मरे है और खपरैल मकानों का नुकसान हुआ है। उसे तत्काल नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाना बेहद जरूरी है।
बुधवार को विधान सभा में नियम-51 के तहत लोक महत्व की सूचना को सदर विधायक ने बांदा समेत पूरे बुन्देलखण्ड में ओलावृष्टि का मामला उठाया। सदन को बताया कि बीती 12 एवं 13 फरवरी को ओलावृष्टि व बेमौसम बारिश हुई। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ। खेतों में लहलहाती फसले चौपट हो गई। पशु-पक्षियों की मौत हुई। कई किसानों के खपरैलनुमा मकान टूटे। बागो में आम की बौर टूट गई। किसानों में इस आपदा से हताशा व निराशा है। इनकी पूरे साल की मेहनत बर्बाद हो गई। इस दैवीय आपदा के बाद अब उनकी मदद के लिए सरकार पहल शुरू करे। नुकसान का सही आंकलन तैयार करवा मुआवजा दिलाया जाए। 

मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड में हुए नुकसान पर रिपोर्ट मांगी
किसानों के मुआवजे के लिए प्रदर्शन
बांदा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। जिसमें दैवीय आपदा से तबाह किसानों को मुआवजाद दिलवाने की मांग की है। 

ओलावृष्टि से हुई बर्बादी का मंजर देख सिहर उठे किसान

ओलावृष्टि की भेंट चढ़ी गेहूं की फसल।
बांदा में ओलावृष्टि से 59 गांवों की फसल चौपट
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जनपद के तीन तहसीलों के 59 गांवों प्रभावित हुए। जिनका सर्वे जिला प्रशासन के द्वारा गठित टीम सक्रियता से कर रही है। जिला प्रशासन का दावा है कि इस ओलावृष्टि इन 59 गांवों में करीब 35 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। दैवीय आपदा से 33 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्त फसलों पर मुआवजा दिया जाएगा। ऐसे में लगभग सभी 59 गांवों मुआवजे से लाभान्वित होंगे। गुरुवार को जिलाधिकारी दिव्य प्रकाश गिरि ने  बताया कि बेमौसम बारिश और औलावृष्टि से जनपद की तीन तहसील के गांव प्रभावित हुए। जिसको लेकर सर्वे के लिए टीमें गठित कर दी गई है। गांव-गांव टीमें जाकर ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कर रही हैं। 

बुंदेलों का दर्द शासन तक पहुंचाया

विधानसभा अध्यक्ष को समस्या बताते चरखारी विधायक।
किसानों ने माना, फसल का दाना होगा पतला
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों का आकलन तो किया जा रहा है। किसानों क माने तो नुकसान का सही आकलन जब फसलों की पैदावार निकलेगी तभी सही पता लगेगा। वहीं प्रगतिशील किसान कहते है कि बीते दिनों हुए ओलावृष्टि के चलते फसलों का दाना पतला होगा। अरहर का दाना मर जाएगा। अलसी आदि तिलहन की फसले तो लगभग चौपट हो गई है। इस समय हुई बारिश से फसलों को फायदा कम नुकसान ज्यादा हुआ है। 
सांसद ने किसानों की देखी बर्बाद फसलें
बांदा में ओलावृष्टि और बारिश से बर्बाद हुई फसलों को सांसद भैरों प्रसाद मिश्र ने देखा। खुरहण्ड, महुआ, बलखेरा, तेरा पतौरा आदि गांव में जाकर किसानों से मिले। किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी बर्बाद फसलों के मुआवजे को लेकर केन्द्र और प्रदेश सरकार से मांग करेंगे। हर संभव उनकी मदद की जाएगी। साथ ही अधिकारियों व राजस्व कर्मियों से कहा कि किसानों की बर्बाद हुई फसलों का ऑकलन करें। जिससे उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जा सके। 


 

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  • Web Title:The issue of hailstorm in Bundelkhand in the Assembly