स्क्रैप माफिया के मामले में बांदा जेल पहुंचकर डीआईजी जेल ने की जांच
Banda News - बांदा में स्क्रैप माफिया रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना की रिहाई के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही है। जेलर के निलंबन के मामले में डीआईजी जेल ने जांच की। काना को बी वारंट जारी होने के बावजूद रिहा किया गया था, जिसे लेकर जेल प्रशासन ने लापरवाही का आरोप लगाया है।

बांदा, कार्यालय संवाददाता। मंडल कारागार बांदा से रिहाई के बाद स्क्रैप माफिया रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना का सुराग नहीं लग सका है। जिसकी पुलिस टीमें तलाश कर रही हैं। काना की रिहाई के बाद जेलर के निलंबित होने के मामले में डीआइजी जेल ने मंडल कारागार में करीब पांच घंटे तक जांच की है। डीआईजी ने माफिया की बैरक देखी साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जेल अधिकारियों व कर्मचारियों पूछताछ की है। वहीं माफिया की बैरक के बंदियों के भी अलग अलग बयान लिए हैं। ग्रेटर नोएडा निवासी स्क्रैप माफिया रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना बी वारंट जारी होने के बावजूद बीते गुरुवार को मंडल कारागार बांदा की जेल से रिहा कर दिया गया।
मामले में कोर्ट की नाराजगी के बाद जेल प्रशासन ने कहा कि वारंट बी जेल तक नहीं पहुंचा था, इसलिए उसकी रिहाई नहीं रोकी जा सकती थी। मामले ने तूल पकड़ा तो डीजी जेल पीसी मीणा ने प्रकरण की विस्तृत जांच डीआईजी जेल प्रयागराज क्षेत्र राजेश श्रीवास्तव को सौंपी दी। साथ ही जेल अधीक्षक से प्राथमिक रिपोर्ट भी मांग ली। जेल अधीक्षक की प्राथमिक रिपोर्ट में जेलर विक्रम सिंह को लापरवाही बरतने का आरोपी बताया गया। इस पर जेलर विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया गया है। मामले में कुछ और जेल कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। बता दें कि रवि काना को गौतमबुद्ध नगर जेल से अगस्त 2024 में यहां शिफ्ट किया गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए 12 जिलों की पुलिस टीमों को लगाया गया है। रवि काना की रिहाई के मामले में डीजी कारागार लखनऊ पीसी मीणा ने मामले की प्रारंभिक जांच डीआइजी जेल प्रयागराज जोन राजेश श्रीवास्तव को करने के लिए निर्देश दिए हैं। रविवार को डीआइजी जेल शाम करीब 5 बजे मंडल कारागार बांदा पहुंचे। इसके बाद जेल अधिकारियों से रवि काना की रिहाई से संबंधित दस्तावेज तलब किए और उनकी प्रतिलिपि मांगी। इसके बाद काना की बैरक देखी। साथ सभी साक्ष्य संकलित किए हैं। जेल सूत्रों के अनुसार उन्होंने जेल अधीक्षक अनिल गौतम के लिखित बयान का दर्ज कराए हैं। उन्होंने जेल के अंदर से लेकर उसके बाहर तक के सीसीटीवी खंगाले हैं। वहीं देर रात करीब दस बजे वापस प्रयागराज लौट गए हैं। हालांकि सूत्रों के अनुसार जांच अधिकारी ने जेल से पहले ही अपने वाहनो को रुकवा दिया था ताकि किसी को उनके आने की जानकारी न मिल सके। ------------- जेल अधीक्षक समेत दस अधिक स्टाफ से की पूछताछ -रवि काना को लेकर जांच अधिकारी ने जेल अधीक्षक, डिप्टी जेलर समेत दस से ज्यादा जेल कर्मियों से भी पूछताछ की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बारी बारी से अधिकारियों से कई घंटे तक विस्तृत बातचीत की है। ------------------------ फालोअप ------------- फोटो 28- मंडल कारागार बांदा। फोटो 29- रविंद्र उर्फ रवि काना। ---------- - स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई का मामला - मामले को लेकर पहले ही सस्पेंड हो चुके हैं जेलर - गुपचुप तरीके से जेल पहुंचे थे डीआईआजी, वाहनों को रखा दूर

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