Ponds falling due to the gift of encroachment - अतिक्रमण के भेंट के चलते सिमटते जा रहे तालाब DA Image

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अतिक्रमण के भेंट के चलते सिमटते जा रहे तालाब

अतिक्रमण के भेंट के चलते सिमटते जा रहे तालाब

अतिक्रमण के चलते तालाबों का अस्तित्व खतरें में पड़ गया है। कूड़ा करकट से लोग इन तालाबों को पूरने में लगे हुए है। इन तालाबों से अतिक्रमण हटवाने के नाम पर सिर्फ खानापूरी की जाती है। जिससे तालाबों में चौतरफा से अतिक्रमण हो रहा है। अतर्रा का धोवा तालाब में प्रति दिन पालिका का कूडा डाला जा रहा है। जिससे तालाब के अस्तित्व को ही खतरा पैदा हो गया है।

कस्बे का धोवा तालाब का प्रमुख स्थान है। लेकिन वर्तमान समय में पालिका का कूडा-करकट गिरने से तालाब का अस्तित्व खतरें में सिमटता जा रहा है। मोहल्ले के शोभित द्विवेदी, सुरेश, महेश, गनेश, छोटे कोटार्य, नत्थू कोटार्य, राजा, राममिलन, बेगा, शिवशंकर, राममिलन, सीताराम, अरविन्द, भोला, रज्जू आदि का कहना है कि तालाब में पानी रहने पर काफी सहुलियत रहती थी। नहाना धोना और मवेशियों को पानी आदि पिलाया जाता था। लोगों का आरोप है कि तालाब में अतिक्रमण तो लोग कर ही रहे है साथ ही पालिका के द्वारा कूड़ा करकट भी पालिका के द्वारा डलवाया जा रहा है। तालाब के भीटे में बसे लोग अतिक्रमण पर अतिक्रमण किए जा रहे है। शिकायत पर नगर पालिका कोई ध्यान नहीं दे रहा है। गंदगी की दुर्गध जब दोपाहर को गर्मी के बीच उठती है तब रहागीरों को निकलना मुश्किल हो जाता है।

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  • Web Title:Ponds falling due to the gift of encroachment