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पौशालाओं की देखरेख की नहीं है व्यवस्था

पौशालाओं की देखरेख की नहीं है व्यवस्था

गर्मी में राहगीरों को प्यास बुझाने के लिए इधर उधर न भटकना पड़े इसके लिए जगह जगह पौशाला संचालित किए गए है। कस्बे में पांच पौशाला संचालित किए गए है। लेकिन इनकी देखरेख की कोई व्यवस्था न होने से राहगीरों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। अधिकांश पौशाला में घड़ों के पास कुत्ते बैठे रहते है।

गर्मी कों देखते हुए नगर पालिका ने पांच पौशाला स्थापित करा दिए है। लेकिन उनके रखरखाव की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। आवारा जानवर हर समय रखे घडों में मुंह मारते रहते है। दोपहर के समय पौशाला कुत्तों के लिए शयन गृह बन जाता है। धूप से बचने और घड़े के पास आराम फरमाते हुए दिखाई देते है। ऐसे में राहगीर व मुशफिर इनके भय से पौशाला जाने में परहेज करते है। पालिका ने बांदा बस स्टाप, ओरन रोड, बदौसा रोड, नरैनी रोड, गोखिया रोड में पौशाला खुलवाए है। जहां सुबह कर्मचारी पहंुच कर रखे घडों में पानी जरूर भर जाता है। पर दिन भर पौशाला में कोई नहीं रहता।

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  • Web Title: Pauses are not maintained