डॉक्टर दंपति समेत चार के खिलाफ एफआईआर दर्ज
Banda News - बांदा, संवाददाता। लापरवाही की वजह से नवजात की मौत के मामले में पुलिस ने

बांदा, संवाददाता। लापरवाही की वजह से नवजात की मौत के मामले में पुलिस ने डाक्टर दंपति समेत चार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पीड़ित का कहना है कि पीएचसी से जिला अस्पताल ले जाने के बजाए एंबुलेंस चालक उन्हें बरगलाकर निजी अस्पताल ले गया। यहां डॉक्टर व नर्स की लापरवाही ने नवजात की जान ले ली।बिसंडा थाने के कैरी गांव निवासी देवी पत्नी अशोक कुमार ने बताया कि उसकी बहू अर्चना पत्नी शैलेंद्र कुमार को प्रसव पीड़ा होने पर सरकारी एंबुलेंस से बिसंडा पीएचसी ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टर ने अर्चना को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एंबुलेंस चालक उन्हें महिला जिला अस्पताल ले जाने के बजाए कमीशन के लालच में आदर्श पाली क्लीनिक कैरी (बिसंडा) ले गया।
यहां डाक्टर कृष्ण मोहन तिवारी व उनकी पत्नी आरती ने मरीज को देखा और सामान्य प्रसव कराने का भरोसा दिया। एवज में 16 हजार रुपये मांगे। पीड़िता ने पांच हजार रुपये जमाकर बहू को भर्ती करा दिया। शाम तक प्रसव न होने पर परिजनों ने डॉक्टर से बहू को बांदा रेफर करने की मिन्नत की, पर रेफर नहीं किया। 11 अप्रैल को रात साढ़े 11 बजे प्रसव पीड़ा से कराहती बहू को जबरन प्रसव कराया गया। आरोप है कि नवजात का सिर करीब आठे घंटे तक फंसा रहा, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इस दौरान कृष्ण तिवारी, पत्नी आरती व नर्स मौके पर मौजूद रहे। नर्स ने जबरन नवजात को खींचा और लापरवाही में नवजात की जान ले ली। पुलिस ने डॉ.कृष्ण मोहन तिवारी, उनकी पत्नी आरती समेत नर्स तथा एंबुलेंस चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 106 (1) के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
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