युवक की हत्या में दो दोषियों को आजीवन कैद व जुर्माना
Banda News - बांदा में विशेष न्यायाधीश ने दलित युवक की हत्या करने के दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। घटना 2004 में हुई थी जब दो आरोपियों ने पप्पू को चाकू से गोदकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। दोनों दोषियों पर 42-42 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।

बांदा, संवाददाता। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी गगन कुमार भारती की अदालत ने सोमवार को दलित युवक की चाकू से गोदकर हत्या करने के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 42-42 हजार का जुर्माना किया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। विशेष लोक अभियोजक डॉ.महेंद्र द्विवेदी ने बताया कि गिरवां थाना क्षेत्र के तरखरी गांव निवासी देशराज पुत्र शंभू ने 26 अक्टूबर 2004 को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा कि उसके चचेरे भाई पप्पू पुत्र रामकिशोर और दयासागर पुत्र रामकिशोर गांव के राजाबाबू के दरवाजे में सीडी देख रहे थे।
वहीं पर सुनील पुत्र शिवमंगल और पड़ोस के लोग भी थे। शाम लगभग साढ़े छह बजे राजाबाबू के दरवाजे पर ग्राम पहाड़पुर के देशराज पुत्र महावीर व लाल बाबू लोध भी आ गए। उसके चचेरे भाई पप्पू से राजाबाबू के बारे में पूछा। तबतक राजाबाबू अपने घर से निकलकर आया। इस पर देशराज व लाल बाबू पप्पू को गाली देने लगे। अपनी जेब से चाकू निकालकर पप्पू के पेट में घोंप दिया। लाल बाबू ने ललकारता रहा। यह देख हमलावरा देशराज के हाथ से चाकू छीन लिया। इसके बाद देशराज व लालबाबू अपने घर भाग गए। पप्पू के पेट मे गहरी चोट लगने से सभी आंतें निकल गईं। घायलावस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान उसकी मौत हो गई। विवेचक ने नौ जनवरी 2005 को आरोप पत्र पेश किया।अदालत ने दोनों के विरुद्ध सात सितंबर 2006 को आरोप बनाया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने साक्ष्य संकलन किया। गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने हत्या का दोषी पाते हुए देशराज लोध व लालबाबू लोध को सजा व जुर्माना से दंडित किया।
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