दो दिन में तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे कालिंजर दुर्ग
Banda News - नरैनी में कालिंजर दुर्ग मेले के दूसरे दिन तीन लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने विभिन्न मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों का दर्शन किया। हालाँकि, श्रद्धालुओं को गंदगी और क्षतिग्रस्त मार्गों का सामना करना पड़ा। कार्यक्रमों में बुंदेली राई और झूले शामिल थे, जो मेले की रौनक बढ़ा रहे थे।
नरैनी, संवादाता। कालिंजर दुर्ग मेले में दूसरे दिन भी लोग बड़ी संख्या में मेला देखने व भगवान नीलकंठ के दर्शन को पहुंचे। दो दिन में तीन लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के कालिंजर दुर्ग में कार्तिक पूर्णिमा के दूसरे दिन भी मेला देखने वालों की श्रद्धालुओं की कमी नहीं रही। यहां पहुंचे लोगो ने दुर्ग में वेंकटबिहारी मंदिर, रानी महल, जकीरा महल, चौबे महल, मृग धारा, पाताल गंगा, पत्थरों की बनाई गई गुफाओं और देवी देवताओं की शिल्प कृतियों को देखा। पहाड़ के ऊपर स्थित किले के सरोवरों में स्नान कर शिव भक्तों ने भगवान नीलकंठ के दर्शन किये।
पुरातत्व के अधिकारियों द्वारा पहली बार सातवां फाटक नही खोला गया। इससे ज्यादातर दर्शनार्थी मुख्य मार्ग से पैदल चलकर दुर्ग में पहुंचे। दुर्ग में पहुंचने के लिए कटरा सीढ़ी मार्ग तरहटी से सीधे नीलकंठ मंदिर मार्ग और मुख्य वाहन मार्ग है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात में क्षतिग्रस्त हुए मुख्य मार्ग को ठीक भी नही कराया गया। श्रद्धालुओं को यहां जगह-जगह पड़ी गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। कटरा मेला मैदान में छतरपुर मध्यप्रदेश से आये कलाकारों ने बुंदेली राई और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मेला में कई तरह के झूले भी लगाए गए हैं। किले के नीचे लगे मेला में महिलाओं ने गृहस्थी सहित सौंदर्य प्रसाधन सामग्री की खरीदारी की।

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