विभागीय जांच करेंगे चित्रकूट के जेल अधीक्षक
बांदा की जेल में निरुद्ध कैदी ने परिवार की नाराजगी के चलते आत्महत्या कर ली। उसे खाना बनाने के लिए ड्यूटी पर भेजा गया था, जहां से वह गैस गोदाम चला गया। उसकी न्यायालय में पेशी थी, और परिवार ने उसे चेतावनी दी थी। पोस्टमार्टम के लिए तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों ने जांच की।

बांदा। जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह ने मजिस्ट्रेटियल व विभागीय जांच के लिए सीजेएम को पत्राचार किया है। विभागीय जांच के लिए चित्रकूट के जेल अधीक्षक को नामित किया गया है। वह जेल की बैरक नंबर आठ में निरुद्ध था। जेल के अधिकारियों के मुताबिक उसकी गुरुवार दोपहर तीन बजे खाना बनाने के लिए पाठशाला में ड्यूटी लगी थी। जहां से वह पाकशाला से सटे गैस गोदाम चला गया। दो जून को उसकी न्यायालय में पेशी थी। जहां से आने के बाद उसने बताया था कि एक अन्य चाचा व परिवारी जन कचहरी मिलने आए थे। कहा कि तुम जैसा भतीजी के साथ किया है वैसा खुद ही भुगतो।
तुम्हारा कोई साथ नहीं देगा। परिजनों की नाराजगी व ग्लानि के चलते आत्महत्या का कदम उठाया है। वहीं तीन डाक्टरों रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज के फोरेंसिक एक्सपर्ट डा. सीपी सिंह व डा. देव तिवारी, डा. नरेंद्र विश्वकर्मा ने वीडियो ग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया है।
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