वर्चुअल मीटिंग व वर्क फ्राम होम से बचाया जा सकता है खर्च
बांदा में कलेक्ट्रेट और मंडलायुक्त कार्यालय में रोजाना कई मीटिंग होती हैं, जिसमें अधिकारी सरकारी गाड़ियों से पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री ने डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने के लिए वर्क फ्राम होम और वर्चुअल मीटिंग की अपील की है, लेकिन जनपद में इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है।

बांदा। कलेक्ट्रेट और मंडलायुक्त कार्यालय में हर रोज कई-कई मीटिंग होती है। इसमें जिला व मंडल स्तरीय अधिकारी सरकारी गाड़ियों से मीटिंग में पहुंचते हैं। इसके अलावा ज्यादातर सरकारी कर्मचारी व शिक्षक बाइक या सार्वजनिक वाहनों के बजाए निजी चार पहिया से विद्यालय व आफिस आते जाते हैं। मुख्यमंत्री ने वर्क फ्राम होम और वर्चुअल मीटिंग के जरिए डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने की अपील की है। वहीं जनपद में अभी इस घोषणा को लेकर कोई खास अमल नहीं हो रहा है। कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा सहित कई मीटिंग में अधिकारी वाहन से पहुंच रहे हैं। बड़े अधिकारियों के काफिले में भी कोई कटौती नजर नहीं आ रही है।
जनप्रतिनिधि हों या अधिकारी सिर्फ आमजन से ही ईंधन बचाने की कवायद कर रहे हैं।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


