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ड्राइवर की झपकी ने झपट ली तीन जिंदगियां

ड्राइवर की झपकी ने झपट ली तीन जिंदगियां

1 / 3--दो सगे भाइयों और एक मित्र की मौत से परिवार बेहाल

ड्राइवर की झपकी ने झपट ली तीन जिंदगियां

2 / 3--दो सगे भाइयों और एक मित्र की मौत से परिवार बेहाल

ड्राइवर की झपकी ने झपट ली तीन जिंदगियां

3 / 3--दो सगे भाइयों और एक मित्र की मौत से परिवार बेहाल

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बांदा। हिन्दुस्तान संवाद

कार हादसा पीड़ित परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे गया। शनिवार की रात कार ड्राइवर अपने चार साथियों को लेकर दमन के लिए रवाना हुआ था। ड्राइवर कार को 100 किमी. प्रति घंटा की स्पीड से चला रहा था। अचानक ड्राइवर को झपकी लग जाने से कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक में घुस गई। पल भर में तीन लोग मौत के आगोश में समा गए। दो लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। मौत की खबर मिलते ही घरवालों में गम का पहाड़ टूट पड़ा। खबर मिलते ही रोते-बिलखते घरवाले अस्पताल आ गए। पोस्टमार्टम के बाद घरवाले शव को लेकर पैतृक गांव चले गए।

प्रतापगढ़ के रानीगंज से शनिवार की रात पांच लोग कार से वापस दमन (गुजरात) जा रहे थे। गाड़ी को वीरेंद्र उर्फ वीरू राठौर चला रहा था। बकौल वीरू ने बताया कि वह गाड़ी को 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चला रहा था। कार में सवार सभी लोगों ने उसे गाड़ी कंट्रोल में चलाने की बात भी कही थी। जब तक वह गाड़ी कंट्रोल कर पाता इस बीच उसे अचानक नींद का झोंका आ गया। नींद का झोंका आते ही एकाएक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े दुर्घटनाग्रस्त ट्रक में जा घुसी। जबरदस्त सड़क हादसे के बाद कार में सवार चालक समेत सभी लोग कार में बुरी तरह फंस गए। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने पुलिस को जानकारी दी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची तब तक राज,अक्षय और सूरज काल के गाल में समा चुके थे। विनय और ड्राइवर वीरू गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कार को काटने के बाद सभी को कार से बाहर को निकाला। मृतक के मामा अशोक सोनी निवासी पूरेगोलिया रानींगंज (प्रतापगढ़) ने बताया कि अक्षय चार भाइयों में सबसे छोटा था। जबकि राज तीसरे नंबर का था। गंभीर रूप से घायल विनय अपने पिता की इकलौती संतान है। अचानक हुई इस घटना से मां सुनीता समेत परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

अक्षय और राज दमन में फल का करते थे कारोबार

अक्षय और राज दोनो सगे भाई दमन में रहकर फल का कारोबार करते थे। राज बीए प्रथम वर्ष में पढ़ता था। पढ़ाई के अलावा धंधे में भाई का सहयोग करता था। पढ़ाई के दौरान राज की सूरज और वीरेंद्र राठौर से दोस्ती हो गई थी। राज,अक्षय अपनी मौसेरी बहन की शादी में शामिल होने के दोस्तों के साथ गांव आए थे।

13 दिन साथ रहे दोनो बेटे, फिर दुनिया से हुए बेगाने

मौत कब, किसको और कहां अपनी आगोश में ले ले, यह किसी को पता नहीं है। राज की मौसेरी बहन की शादी में पूरा परिवार इकट्ठा हुआ था। तकरीबन 13 दिन तक राज और अक्षय समेत उनके दोस्त सूरज और वीरू उनके साथ रहे। घर परिवार के साथ हंसी-ठिठोली, खाना-पीना सब कुछ चलता रहा। किसी को ऐसा आभास ही नहीं था उनके परिवार में इतना बड़ा गम का पहाड़ भी टूट सकता है। रविवार की भोर जब परिवारीजनों को हादसे की जानकारी मिली और दोनो बेटों समेत उनके एक मित्र की मौत हो जाने का पता चला तो, मानो शादी वाले घर की खुशियां मातम में बदल गईं।

बहन को विदा करने के बाद घर से निकले थे सभी लोग

बीते 4 दिसंबर को बहन को डोली में बैठाकर विदा किया गया था। ससुराल से बहन श्रुति को घर लेकर आने और फिर दोबारा शनिवार को विदा करने के बाद दोनो भाई राज सोनी, अक्षय और विनय समेत उनके दोस्त दमन जाने के घर से निकले थे। माता-पिता का आशीर्वाद लिया था, लेकिन अफसोस कि ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था।

आधे घंटे तक काटी गई कार

दुर्घटना की खबर पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कार में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया तो उन्हें खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। आनन-फानन में तिंदवारी कस्बे से कटर मंगवाया गया, आधे घंटे तक कार को काटा गया, तब कहीं जाकर गंभीर रूप से जख्मी लोगों को बाहर निकाला जा सका। बाद में पुलिस ने एंबुलेंस के जरिए सभी घायलों को अस्पताल भिजवाया।

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  • Web Title:Driver jumps three lives