कालोनी की ऐसी हालत कि जानवर भी डर जाए
Banda News - बांदा के बाबूलाल चौराहा के पास पुलिस कर्मियों के आवासीय कालोनियां 60 वर्षों से ज्यादा पुरानी हैं और जीर्ण-शीर्ण हो चुकी हैं। यहाँ पुलिस कर्मचारी और उनके परिवार दहशत में जी रहे हैं। रात में बारिश होने पर छाता लगाकर बैठना पड़ता है। अधिकारियों ने मरम्मत का आश्वासन दिया है, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा।

बांदा। बाबूलाल चौराहा में महिला थाना के पास ही पुलिस कर्मियों की आवासीय कालोनियां बनी हैं। यह भी 60 वर्ष से ज्यादा की मियाद पूरी कर चुकी हैं। एक खंड की बनी इन कालोनियों के भवन पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हो चुके है। पुराने-जमाने की तर्ज पर बनी कालोनी के खपरैल तक उखड़ चुके हैं। दीवारों में बड़ी दरारे हैं। यहां पुलिस कर्मचारी और उनके बीबी-बच्चे दहशत के साये में जिंदगी काटते हैं। एक सिपाही की पत्नी ने बताया कि रात में जब कभी तेज बारिश होती है तो छाता लगाकर बैठना पड़ता है। पूरी रात जागकर गुजरती है। अधिकारियों ने कालोनियां आवंटित कर दी हैं, पर यह नहीं देखा कि यहां रहने वाले लोग जिंदा रहेंगे या मरेंगे।
वहीं एक सिपाही ने बताया कि बाहर कमरा लेते हैं तो छह से सात हजार रुपये खर्च होते हैं। इसलिए यहां किसी तरह समय काट रहे हैं। -पुलिस कर्मियों के आवासीय भवनों की समय-समय पर मरम्मत व देखभाल कराई जाती है। नए आवासीय भवन बन रहे हैं, जहां पर भी मरम्मत योग्य हैं, उनकी मरम्मत भी कराई जा रही है। -शिवराज, अपर पुलिस अधीक्षक, बांदा
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


