दिल्ली में मामला दर्ज होने पर यौन शोषण पीड़ित बच्चों की सहायता में फंस रहा पेंच
Banda News - बांदा। कार्यालय संवाददाता बुंदेलखंड के एपस्टीन रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती के यौन शोषण

बांदा। कार्यालय संवाददाता बुंदेलखंड के एपस्टीन रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती के यौन शोषण से पीड़ित बच्चों के पुर्नवास के लिए सहायता देने में पेंच फंस रहा है। इस मामले से जुड़ा मुकदमा जनपद से बाहर दिल्ली में दर्ज होने पर सहायता राशि देने में दिक्कत आ रही है। जिसके चलते अधिकारी शासन को अवगत कराकर मामले की नई गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं। जिससे अभी तक कमेटी का गठन भी नहीं हो सका है। यौन शोषण से पीड़ित बच्चे हमीरपुर महोबा और बांदा जनपद के हैं। सिंचाई विभाग से निलंबित हुए जेई रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती को 17 नवंबर 2020 में सीबीआई ने 33 बच्चों के साथ यौन शोषण करने व उनके पोर्न वीडियो 47 देशों में प्रचलित कर बेचने में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इसी मामले में जेई व उसकी पत्नी को विशेष न्यायालय पाक्सो के न्यायाधीश प्रदीप मिश्रा ने शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई थी। अदालत ने पीड़ित बच्चों के केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दस-दस लाख रुपये उनके पुर्नवास के लिए देने का निर्देश दिया है। अदालत ने अपने फैसले में जिला मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया है कि कैबिनेट सचिव भारत सरकार नई दिल्ली व मुख्य सचिव उप्र को पत्र प्रेषित करें, ताकि वर्तमान एवं भविष्य में पीड़ित बालकों के पुर्नवास व उपचार के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन कर पीड़ित बालकों को चिकित्सकीय सुविधा व अन्य सुविधा प्रदान करना सुनिश्चित किया जाएं। अर्थदंड की धनराशि समानुपातिक रूप से दी जाए। जिला प्रोबेशन अधिकारी हमीरपुर राजीव सिंह का कहना है कि रानी लक्ष्मी बाई योजना के तहत बच्चों को लाभ दिया जा सकता है लेकिन एफआईआर दूसरे जनपद दिल्ली में दर्ज होने के चलते सहायता राशि देने में दिक्कत आ रही है। इसको लेकर शासन की नई गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। रामभवन के वकील भूरा प्रसाद निषाद का कहना है कि रामभवन के भाई राजाभैया प्रयागराज में हैं। उन्होंने वकील भी कर लिया है, लेकिन चार्जशीट के अध्यन में समय लग रहा है। जिसके चलते होली तक दायरा होने की संभावना है।
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