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अन्ना पशुओं के संरक्षण के नाम पर खेल

हिन्दुस्तान टीम,बांदाPublished By: Newswrap
Mon, 20 Sep 2021 04:10 AM
अन्ना पशुओं के संरक्षण के नाम पर खेल

बांदा। संवाददाता

अन्ना पशुओं के संरक्षण को लेकर भले ही तमाम प्रयास किए जा रहे हों। लेकिन बदौसा में हकीकत कुछ और है। अन्ना जानवरों का झुंड सड़कों पर दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रहा हैं। वहीं किसानों की फसल भी तबाह कर रहे हैं।

बदौसा, दुबरिया व बरछा ब में लाखों की लागत से बनाई गई गौशालाएं शोपीस बनकर रह गईं हैं। गौशालाएं तो बन गईं लेकिन खानपान और देखरेख की कोई व्यवस्था न होने से अन्ना पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों में अन्ना पशुओं के कब्जा जमा लेने से यातायात व्यवस्था बाधित है। ट्रक और बसें निकालने के लिए चालक वाहन से उतरकर पशुओं को हटाते हैं।

कागजी कोरम पूरा कर भर रहे खुद का पेट

सच्चाई ये है कि कस्बे के तीनों ग्राम पंचायतों में अस्थायी गौशालाओं की हालत किसी से छिपी नहीं है। अन्ना पशुओं के संरक्षण के नाम पर सिर्फ कागजी कोरम पूरा कर खुद का पेट भरा जा रहा है । खेत, खलिहान व बाजार आदि में पशु सड़कों पर घूम रहे हैं।

किसानों के लिए बड़ी मुसीबत

किसानों के लिए अन्ना पशु मुसीबत बन गए हैं। दिनरात फसल की रखवाली करने के बाद भी किसान फसल नहीं बचा पा रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में अन्ना पशुओं के झुंड के झुंड घूम रहे हैं। किसानों की जरा सी चूक होने पर पल भर में खेत चट कर देते हैं। बारिश के मौसम में भी किसान खेतों में झोपड़ी बनाकर फसल की रखवाली कर रहा है।

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