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बांदा

12 महीने काम, 11 महीने की तनख्वाह

हिन्दुस्तान टीम,बांदाPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 05:50 AM
बांदा। वरिष्ठ संवाददाता 
 सरकार शिक्षामित्रों को जून महीने का वेतन नहीं देती। तर्क...
1 / 2बांदा। वरिष्ठ संवाददाता सरकार शिक्षामित्रों को जून महीने का वेतन नहीं देती। तर्क...
बांदा। वरिष्ठ संवाददाता 
 सरकार शिक्षामित्रों को जून महीने का वेतन नहीं देती। तर्क...
2 / 2बांदा। वरिष्ठ संवाददाता सरकार शिक्षामित्रों को जून महीने का वेतन नहीं देती। तर्क...

बांदा। वरिष्ठ संवाददाता

सरकार शिक्षामित्रों को जून महीने का वेतन नहीं देती। तर्क है कि जून में स्कूल बंद होते हैं। यह सिलसिला 26 मई 1999 से चला आ रहा है। मगर इस बार जून में शिक्षामित्रों को कोविड महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन की जागरूकता को जोड़ा गया है।

जिले के कई प्राइमरी स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था शिक्षामित्रों के हवाले है। शिक्षण से साथ अन्य सरकारी कामों में भी शिक्षामित्रों का सहयोग लिया जाता है। बीएलओ, चुनाव ड्यूटी में लगाया गया। सरकारी क्रार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का फरमान भी होता है। इतना सब करने के बाद जब जून माह के वेतन की बात आती है तो सरकार हाथ खड़े कर लेती है। शिक्षामित्रों के मुताबिक, इस बार जून माह में भी काम लिया जा रहा है। गांव निगरानी समिति में शामिल कर वैक्सीनेशन के लिए ग्रामीणों को जागरूक कराया जा रहा है। बावजूद, इसके जून माह के वेतन के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है।

जिला प्रवक्ता शिक्षामित्र संघ राजेश तिवारी का कहना है कि जिले में 1904 शिक्षामित्र हैं। इनमें करीब 1700 शिक्षामित्रों को खंड शिक्षाधिकारियों के साथ वैक्सीनेशन जागरूकता अभियान से जोड़ा गया है। जून में माह में काम लिया जा रहा है। लेकिन वेतन देने की पहल नहीं की जा रही है। कभी दिया भी नहीं गया है। जबकि हर साल जून माह में कोई काम लिया जाता है। शशिकांत उपाध्याय का कहना है कि महुआ ब्लॉक के पचोखर प्राथमिक विद्यालय में हैं। वैक्सीनेशन की जागरूकता को ड्यूटी लगाई गई। मोबाइल खराब हो गया है। इस वजह से जागरूकता अभियान से नहीं जुड़ सका। जून माह का मानदेय भी नहीं मिलता है। जो मानदेय मिलता है, वो भी दो-तीन माह में आता है। जबकि शिक्षण कार्य बराबर लिया जाता है। बीएसए हरिश्चंद्र नाथ का कहना है कि कुछ ही शिक्षामित्रों को वैक्सीनेशन जागरूकता अभियान से जोड़ा गया है। जून माह में शिक्षामित्रों से कोई काम नहीं लिया जाता है।

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