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दहेज हत्या में पति को दस वर्ष की कैद व जुर्माना

आठ वर्ष पूर्व ससुरालीजनों द्वारा विवाहिता को मारपीट कर एंव दहेज में बाइक न देने के आरोप में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय की अदालत में आरोपी पति को दस वर्ष की कैद व 14 हजार रूपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अर्थदण्ड अदा न करने पर पांच माह की अतिरिक्त सजा भोगना होगा। इसी मामले में सास ससुर को संदेश का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा ने बताया कि अपर सेशन न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पति अरूण कुमार को 10वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ उस पर 10 हजार रूपए का जुर्माना लगाया है। इस मामले में सास रामसखी ससुर श्री विशाल को संदेह का लाभ मिला जिससे दोनों बरी हो गए। मामला 2010 का है। यहां कोर्ट के जरिए नोनिया मोहाल बांदा निवासी सुरेश कुमार प्रजापति ने बहन गायत्री की ससुराल मोहनपुरवा में हुई मौत के बाद सास,ससुर व पति के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट मटौंध थाने में दर्ज कराई थी। उस समय उसने बताया कि उसकी बहन को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया। अक्सर पति द्वारा मारा-पीटा जाता रहा। बाइक के लिए प्रताड़ित करते रहे। बताया कि थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो उसने कोर्ट का सहारा लिया था।

गैंगस्टर में डाकू संग्राम व भाई को सजा

गैंगस्टर के दो मामलों में बांदा की अदालत ने जेल में बंद डाकू संग्राम सिंह व उसके भाई राजाबाबू को चार साल एव तीन साल कारावास की सजा सुनाई है। दोनों मामलों में पांच -पांच हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया है। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि एडीजे पंचम राजेश कुमार तृतीय ने डाकू संग्राम व उसके भाई को सजा सुनाई। यह डाकू वर्ष 2014 से बांदा जेल में बंद है। ये दोनों सजा उसकी जेल में बिताई गई अवधि में समायोजित होगी।

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  • Web Title: 10 years imprisonment and fine for husband in dowry murder