
तीन सब्जेक्ट में बैक लगने से परेशान बीएएमएस छात्र ने की खुदकुशी, कमरे में फंदे से लटकता मिला शव
शैलेंद्र कानपुर के एक प्राइवेट कॉलेज में बीएएमएस फाइनल ईयर में था। करीब छह महीने से वह कॉलेज के बाहर किराए पर कमरा लेकर रहता था। बताया जा रहा है कि तीन विषयों में बैक लगने के चलते वह मानसिक तनाव में चल रहा था। माना जा रहा है कि इसी वजह से उसने आत्महत्या कर ली।
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में आईआईटी के बीटेक फोर्थ ईयर स्टूडेंट जय सिंह के बाद अब एक प्राइवेट कॉलेज के बीएएमएस छात्र ने खुदकुशी कर ली है। छात्र का शव उसके कमरे में फंदे से लटकता मिला। बताया जा रहा है कि तीन सब्जेक्ट में बैक लगने के कारण छात्र काफी मानसिक तनाव में चल रहा था। शनिवार को उसने अपने कमरे में खुद को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। सुबह देर तक छात्र का कमरा न खुलने पर साथी छात्र उसे बुलाने गए। जब दरवाजे पर दस्तक देने के बाद भी कोई आहट नहीं मिली तो उन्होंने खिड़की से देखा। अंदर छात्र का शव लटका दिखा तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने सबूत इक्ट्ठा करने के लिए मौके पर फोरेंसिक टीम भी बुलाई। पुलिस ने छात्र के परिवारीजनों को भी घटना की जानकारी देकर बुला लिया। मिली जानकारी के अनुसार शैलेंद्र गुप्ता नाम के इस छात्र की उम्र 25 साल थी। वह उत्तर प्रदेश के चित्रकूट का रहने वाला था।
शैलेंद्र कानपुर के मंधना स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज का छात्र था। वह बीएएमएस फाइनल ईयर में था। करीब छह महीने से वह कॉलेज के बाहर किराए पर कमरा लेकर रहता था। बताया जा रहा है कि तीन विषयों में बैक लगने के चलते वह मानसिक तनाव में चल रहा था। माना जा रहा है कि इसी वजह से उसने खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस के मुताबिक चित्रकूट के कर्वी निवासी बृजकिशोर गुप्ता सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। परिवार में तीन बेटे लालेंद्र, शैलेंद्र और योगेंद्र हैं। उनकी पत्नी गीता की 18 साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। बेटे शैलेंद्र ने मंधना के मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2021-22 में बीएएमएस में प्रवेश लिया था। करीब छह महीने से कॉलेज के बाहर निजी हॉस्टल में रह रहा था। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार रात को हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से बातचीत करने बाद वह कमरे में चला गया।
शनिवार सुबह 10 बजे के बाद तक शैलेंद्र का कमरा बंद होने पर साथी छात्र उसे बुलाने गए। खिड़की से झांककर देखा तो उसका शव लटक रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम बुलाकर जांच पड़ताल की और परिजनों को सूचना दी गई। बिठूर थाना प्रभारी प्रेम नारायण विश्वकर्मा ने बताया कि साथी छात्रों और कॉलेज प्रशासन से पता चला है कि तीन विषय में बैक लगने के कारण वह मानसिक तनाव में था। आशंका है कि इसी वजह से उसने यह कदम उठाया है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
क्यों टूट रही है हिम्मत?
हाल ही में आईआईटी कानपुर के बीटेक फोर्थ ईयर के एक छात्र ने हॉस्टल के अपने कमरे में खुद को फांसी लगाकर जान दे दी थी। हाल के समय में छात्रों में तनाव और आत्महत्या के कई मामले सामने आए हैं। जानकारों का कहना है कि अति संवेदनशीलता और भावुकता में पड़कर बच्चे इस तरह के आत्मघाती कदम उठाते हैं। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि उनसे लगातार बात की जाए। उनकी समस्याओं और मन की बातों को सुना और समझा जाए। इसके साथ ही उन्हें समस्याओं के समाधान सुझाए जाएं और परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया जाए।

लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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