
जंगल में हचल से जगह बदल रहा बाघ, कैद नहीं हो रही तस्वीर
संक्षेप: Balrampur News - बलरामपुर में भाभर रेंज में एक बाघ ने 58 वर्षीय बिकाई लाल पर हमला किया, जो लकड़ी बीनने गए थे। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल से दूर रहने की सलाह दी है, क्योंकि बाघ अपनी जगह बदल रहा है। ट्रैप कैमरों में चार दिन बाद भी कोई तस्वीर कैद नहीं हुई है, जिससे समस्या बढ़ रही है।
बलरामपुर,संवाददाता। भाभर रेंज में अधेड़ को शिकार बनाने वाला हमलावर बाघ ठिकाना बदल रहा है। मूवमेंट पर नजर रखने के लिए लगाए गए ट्रैप कैमरों में चार दिन बाद भी तस्वीर कैद नहीं हो पाई है। वन विभाग का कहना है कि जंगल के अंदर ग्रामीणों के हलचल बढ़ने की वजह से ऐसी समस्या सामने आ रही है। वन विभाग की टीम ग्रामीणों को जंगल से दूर रहने की सलाह संग प्रभावित क्षेत्र में कांबिंग कर रही है। सोहेलवा सेंचुरी के भाभर रेंज में लकड़ी बीनने गए पिपरा सड़वा गांव निवासी 58 वर्षीय बिकाई लाल को बाघ ने हमलाकर मार दिया था।

तीसरे दिन ग्रामीणों ने खोजबीन कर जंगल के अंदर शव बरामद किया था। प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों ने बताया कि जब वे लोग जंगल के अंदर पहुंचे थे तो बाघ शव के पास ही मंडरा रहा था। हांका लगाने व आग लगाने पर वह भागा था। बाघ के हमले को देखते हुए वन विभाग ने चार ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। जिनके आधार पर वन्यजीवों के मूवमेंट पर नजर रखा जा रहा। लगे ट्रैप कैमरों की जांच में एक भी वन्यजीव की तस्वीर कैमरे में कैद नही पाई गई है। रेंजर योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि जंगल के अंदर ग्रामीणों की दखलंदाजी की वजह से बाघ व तेंदुआ अपनी जगह बदल रहे हैं। जिसकी वजह से वे कैमरे में नहीं आ पा रहे हैं। इसको देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क किया गया है कि वे जंगल के अंदर बिल्कुल न जाएं। चिंहित किए गए स्थानों पर वन विभाग की टीम भी नजर रख रही है।

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