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शावकों के साथ छेड़छाड़ करने पर गुर्राई मादा तेंदुआ

दहशत दर्जन भर गांव में बच्चों को घर से बाहर निकलने पर लगा दिया गया

शावकों के साथ छेड़छाड़ करने पर गुर्राई मादा तेंदुआ
हिन्दुस्तान टीम,बलरामपुरTue, 14 May 2024 05:15 PM
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दहशत

दर्जन भर गांव में बच्चों को घर से बाहर निकलने पर लगा दिया गया प्रतिबंध

मवेशियों को चराने गए चरवाहों को मादा तेंदुए ने दौड़ाया, भयवश भाग निकले लोग

हर्रैया सतघरवा, संवाददाता।

शावकों के साथ छेड़छाड़ करने पर मादा तेंदुआ गुर्राई। मादा तेंदुआ ने आधा दर्जन गांव में हमला कर तीन मवेशियों की जान ली है। मंगलवार को मादा तेंदुए ने चरवाहों को दौड़ाया, जिस पर वे भाग खड़े हुए। वन विभाग टीम मादा तेंदुए के नरभक्षी होने की संभावना से सहम गई है। दर्जन भर गांव के ग्रामीणों ने बच्चों को घर से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। वे बच्चों को खेत की ओर नहीं जाने दे रहे हैं। गन्ना फसल सिंचाई के लिए ग्रामीण झुंड में घर से बाहर निकल रहे हैं। तेंदुए के शावक जिस खंडहर में मिले थे वन विभाग टीम ने वहां कैमरा लगवाया है।

दो दिन पहले धोबइनिया, जमधरा व खैरहनिया पहाड़ी नाला के दक्षिण राप्ती मुख्य नहर तक स्थित खंडहर में तेंदुए के दो शावक मिले थे। कुछ चरवाहे खंडहर की तरफ मवेशियों को चराने गए थे। उन्होंने शावकों को देख वन विभाग टीम को सूचना दी थी। बरहवा रेंजर राकेश पाठक, वन दारोगा सूरज पाण्डेय, वन रक्षक धीरेन्द्र कुमार, वाचर बृज मोहन आदि ने मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की थी। मौके पर तेंदुए के दो शावक पाए गए थे। रेंजर ने तेंदुए के शावकों को खंडहर में ही छोड़ने का निर्णय लिया था। उनका कहना था कि यदि इन शावकों को मां से दूर कर दिया गया तो कहानी उल्टी हो जाएगी। मादा के नरभक्षी होने की संभावना बढ़ जाएगी। ग्रामीणों ने भी रेंजर का कहना मान लिया था। शावकों को खंडहर में ही छोड़ दिया गया था। खंडहर के बारे में यह बताना है कि आज से 150 वर्ष पहले वहां एक साधू निवास करते थे। उस स्थान पर बाग, बगीचे व कुटी स्थित है। वहां से तीन किलोमीटर दूर तक कोई गांव नहीं है।

तेंदुए ने तीन दिन के भीतर तीन मवेशियों की ली जान

टेढ़ीप्रास गांव में सोमवार देर रात तेंदुए ने हमला कर बछड़े को मार डाला। गांव के बाहर बंधे बछड़े को तेंदुआ उठा ले गया। ग्रामीण राजित राम, मुकेश कुमार, महेन्द्र, मंगरे, छांगुर ने बताया कि खंडहर में मादा के साथ एक नर तेंदुए को भी देखा गया है। बच्चों के साथ छेड़छाड़ करने पर मादा तेंदुआ आक्रामक हो गई है। उसने तीन दिन के भीतर तीन मवेशियों को मार डाला है। मादा को पिंजरा लगाकर पकड़ने की मांग ग्रामीणों ने की है।

तेंदुआ शावकों के दिखने पर ग्रामीणों में भय

टेढ़ीप्रास, मझरेटी, चिरौंजी पुर, टिटहरिया, रघुवंशपुरवा, लछुआपुर, पूरनपुर व ठाकुरपुरवा के ग्रामीण तेंदुआ शावक मिलने पर भयभीत हैं। उन्हें डर है कि मादा तेंदुआ गांव में उनके बच्चों पर हमला कर सकती है। सभी ग्रामीण अपने बच्चों को शाम पांच बजे के बाद घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। ग्रामीण झुंड बनाकर खेत में फसल रखवाली व सिंचाई आदि करने जाते हैं। बच्चें को गांव से बाहर निकलने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

तेंदुए के शावकों को उचित स्थान पर छोड़ दिया गया है। यदि शावकों का स्थान बदल दिया जाता तो मादा तेंदुआ आक्रामक हो सकती थी। शावकों के पाए गए स्थान पर कैमरा लगवाकर निगरानी की जा रही है।

डॉ एम सेम्मारन, डीएफओ सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग बलरामपुर

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