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बलरामपुर

जिले में भारत बंद का असर नहीं दिखा, दुकानें खुली रहीं

हिन्दुस्तान टीम,बलरामपुरPublished By: Newswrap
Tue, 28 Sep 2021 03:00 AM
जिले में भारत बंद का असर नहीं दिखा, दुकानें खुली रहीं

बलरामपुर। संवाददाता

कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार को भारत बंद का आवाहन जिले में बेअसर रहा। मुख्यालय सहित तीन स्थानों पर विभिन्न किसान संगठनों ने जुलूस निकालकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। अन्य स्थानों पर कोई भी प्रदर्शन या आंदोलन नहीं किया गया। प्रत्येक दिनों की भांति सोमवार को भी विभिन्न कस्बों व बाजारों में दुकानें खुली रही। रोजाना की तरह लोग अपने काम काज में व्यस्त रहे।

किसान बिल को वापस लेने की मांग को लेकर पिछले एक साल से दिल्ली बार्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है। कई किसानों की आंदोलन के दौरान मौत हो चुकी है। किसानों की मांग अब तक पूरी न होने से आंदोलन बंद नहीं हो रहा है। किसानों संगठनों ने सोमवार को भारत बंद का आवाहन किया था। जिसका कोई असर जिले में दिखाई नहीं पड़ा। पूर्व की भांति सभी कस्बों व बाजारों में दुकानें खुली रही। वाहनों का आवागमन जारी रहा। रोजाना की भांति लोग अपने काम काज में व्यस्त दिखे। मुख्यालय पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कामरेड हाजी नब्बन खां के नेतृत्व में एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका कार्यालय के पास से वीर विनय चौराहा तक रैली निकाली। कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वीर विनय चौराहा पर करीब दस मिनट तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के संबंध में सदर एसडीएम अरुण कुमार गौड़ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नए कृषि कानूनों को वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाए जाने, आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने, किसानों का कर्ज माफ किए जाने, 60 वर्ष से अधिक के किसानों को दस हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन दिलाए जाने, पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतों को कम करने, लॉकडाउन के दौरान बंद स्कूलों के प्रबंधकों की ओर से अभिभावकों से की जा रही फीस वसूली पर रोक लगाने सहित अन्य मांगे की गई हैं। इस अवसर पर कल्लू सिंह चौहान, रामतीर्थ मौर्या, कैलाश श्रीवास्तव, सतीश, इमरान, अब्दुल कादिर, शफीक अंसारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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गन्ना मूल्य 400 रुपए प्रति क्विंटल किए जाने की मांग

भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष हृदयराम वर्मा के नेतृत्व में सदर तहसील गेट से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। कार्यकर्ताओं ने डीएम श्रुति को सात सूत्री ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कृषि कानूनों को वापस लेने, डीजल, पेट्रोल व रसाई गैस के बढ़े दाम को कम करने, ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति कराए जाने, गन्ना मूल्य 400 रुपए प्रति क्विंटल किए जाने, छुट्टा जानवरों की समस्या से निजात दिलाने सहित अन्य मांगे की गई हैं। इस अवसर पर राजू पाठक, छेदीराम, दीनानाथ, राजकुमार यादव, झगरू प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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सरकार किसान विरोधी काम कर रही:खलील

उतरौला में भारतीय किसान क्रांति यूनियन के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष मोहम्मद खलील शाह के नेतृत्व में एसडीएम डा. नागेन्द्र नाथ यादव को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कृषि कानून वापस न होने के कारण दस माह से किसान दिल्ली बार्डर पर आंदोलनरत है। सरकार किसान विरोधी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गेहूं व धान समेत अन्य ऐसी फसलें जिनका समर्थन मूल्य सरकार घोषित करती हैं, उनके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी अधिनियम बनाया जाए। किसानों को अपनी उपज का मूल्य स्वयं निर्धारित करने का अधिकार दिया जाए। ज्ञापन में गन्ना किसानों के बकाया मूल्य का भुगतान करने सहित अन्य मांगे की गई हैं। इस अवसर पर बछराज वर्मा, बड़ेलाल पांडेय, रामउजागर, रामसजन यादव, रामदास व राधेश्याम पांडेय सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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