तेज आंधी से फेल हुई बिजली व्यवस्था, दो सौ गांवों में रात भर गुल रही बिजली
Balrampur News - बलरामपुर में तेज आंधी ने बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। 200 से अधिक गांवों में बिजली गुल हो गई, जिससे चार लाख लोगों को रात में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। किसानों को फसल के नुकसान की चिंता है। हालांकि, रविवार को मौसम साफ रहा और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।

बलरामपुर, हिंदुस्तान टीम। तेज आंधी से जर्जर विद्युत व्यवस्था उजागर हो गई है। जिले के 200 से अधिक गांवों की बिजली गुल रही है। बिजली गुल होने से उतरौला व गैसड़ी की करीब चार लाख आबादी को रात काटने में परेशानी हुई। आंधी व बारिश ने गेहूं व सरसों के साथ आम के बौर को भी नुकसान पहुंचाया। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि रविवार को मौसम साफ रहा। तेज धूप निकलने से किसानों को राहत मिली। खेत में कटी पड़ी गेहूं व सरसों के नुकसान की संभावना कम हो गई है। जिले में शनिवार रात करीब 8.30 बजे अचानक तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई।
तेज आंधी के चलते बिजली गुल हो गई। जिला मुख्यालय पर करीब दो घंटे बिजली गुल रही। उतरौला संवाददाता के अनुसार तेज आंधी व बारिश ने विद्युत व्यवस्था की पोल खोल दी। चमरूपुर, श्रीदत्तगंज व महुआ फीडर से जुड़े करीब 100 गांवों की बिजली रात भर गुल रही। बनकटवा, बेथुइया, गोगाधर, बढ़या पकड़ी, चीती, नयानगर, विशुनपुर, सहियापुर, खपरैला, बेलई बुजुर्ग व फकीरीपुर सहित 100 गांव रात के समय अंधेरे में डूबे रहे। रविवार को समाचार लिखे जाने तक तीनों फीडर से बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि इन क्षेत्रों में आजादी के बाद से अब तब बिजली आपूर्ति पुराने व जर्जर तारों से हो रही है। बिजली के पोल भी जर्जर हो चुके हैं। हल्की सी आंधी व तेज हवा चलने पर तार टूट जाते हैं। ट्रांसफार्मर भी फेल हो जाते हैं। इससे पूरी व्यवस्था चरमरा जाती है। जर्जर तारों से आग लगने का खतरा रहता है। तार टूटकर गिरने से गेहूं की खड़ी फसल में आग लगने का भय रहता है। पिछले वर्ष बिजली के तार टूटने से निकली चिंगारी ने कई बीघे गन्ना जला दिया था। ग्रामीण रामफेर, कृष्ण कुमार, राशिद हुसैन, अब्दुल हमीद, नजर मोहम्मद, राम समुझ व बरकत अली आदि ने बताया कि हर बार आंधी व बारिश के बाद बिजली कई दिनों तक गुल रहती है। सिंचाई व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है। रात में अंधेरा होने पर लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। फसलों की सिंचाई प्रभावित हो जाती है। बिजली के जर्जर पोल व तारों को बदलने की कई बार मांग की गई, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस है। इन लोगों ने डीएम से मांग किया है कि जर्जर बिजली के पोल व तार बदले जाएंद्ध फीडरों की क्षमता बढ़ाई जाए। आंधी-पानी के दौरान जल्द मरम्मत कराने के लिए विशेष टीम तैनात की जाए। उधर, जेई ग्रामीण विजय रंजन ने बताया कि तीनों फीडर की तकनीकी समस्या दूर कराई जा रही है। जल्द ही बिजली आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।गैसड़ी में रात भर गुल रही 100 गांवों की बिजली : गैसड़ी संवाद के अनुसार तेज आंधी के कारण रात भर बिजली गुल रही, जिससे 100 से अधिक गांवों में अंधेरा रहा। शनिवार की रात तेज आंधी के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। सुबह जेई अजय कुमार की टीम ने युद्ध स्तर पर काम कर बिजली आपूर्ति शुरू कर दी। जेई ने बताया कि आंधी के कारण कहीं भी कोई बड़ी क्षति नहीं हुई है और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। लोगों को रात में परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन दिन में बिजली आपूर्ति शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली।
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