बीमारियों का बढ़ा प्रकोप, ओपीडी 550 पार

बीमारियों का बढ़ा प्रकोप, ओपीडी 550 पार

संक्षेप:

Balrampur News - बरसात और जल जमाव के कारण बलरामपुर जिले में संक्रामक बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। जिला अस्पतालों में 550 से अधिक मरीज आए हैं, जिनमें बुखार, उल्टी, दस्त और त्वचा संबंधी रोग शामिल...

Aug 13, 2025 05:25 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बलरामपुर
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बरतें सावधानी जिला एवं सीएचसी व पीएचसी में आने वाले मरीजों में अधिकतर लोग होते हैं बुखार व अन्य संक्रामक बीमारियों के शिकार जिला अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या, ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रहे मरीज बलरामपुर, संवाददाता। जिले में बारिश के साथ जल जमाव एवं गंदगी के चलते संक्रामण ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। यही कारण है कि जिले के सरकारी अस्पतालों में उल्टी, दस्त, बुखार और त्वचा सम्बन्धी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पतालों में इस समय ओपीडी 550 के पार पहुंच गई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जल जमाव के चलते फैली गंदगी से लोग बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।

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गंदगी में मच्छर पनप रहे हैं। जिसके चलते मच्छर जनित बीमारियां भी बढ़ रही हैं। अस्पताल जाने वाले मरीजों एवं तीमारदारों को चिकित्सक इलाज के साथ-साथ मौसमी बीमारियों के प्रति सचेत रहने की सलाह दे रहे हैं। जिले में हो रही बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव होने से गंदगी की भरमार है। कीचड़ और गंदगी के कारण लोग संक्रामक रोगों के शिकार हो रहे हैं। गांवों में नियमित साफ-सफाई न होने से गंदगी का अंबार लगा हुआ है। महीनों तक सफाई कर्मी गांवों में नहीं पहुंच रहे। जबकि अभी तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा था। इसमें शामिल पंचायती राज विभाग व नगर निकाय के जिम्मे सफाई व्यवस्था की गई थी। दोनों विभाग अपने कार्य में रुचि नहीं लिया। गांवों में बजबजाती नालियों की न तो साफ-सफाई करायी जा रही है और न ही झाड़ियों को हटवाया गया। गंदगी के चलते लोग तेजी से संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। यही कारण है कि अचानक अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। संयुक्त जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने बताया कि इस समय उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार व त्वचा सम्बन्धी मरीज अधिक आ रहे हैं। जिला अस्पतालों के ओपीडी से लेकर पैथॉलाजी में मरीजों की भीड़ लग रही है। बुधवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय व जिला मेमोरियल अस्पताल को मिलाकर करीब 550 मरीजों का उपचार हुआ है। इसमें से करीब 200 से अधिक ऐसे मरीज थे जो संक्रामक रोगों के शिकार थे। यही स्थिति जिला मेमोरियल अस्पताल में भी देखने को मिली। यहां पर भी संक्रामक रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि देखी गई। सीएचसी व पीएचसी पर भी बढ़ रही मरीजों की संख्या जिले के दस सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर संक्रामक रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। सीएचसी व पीएचसी पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी होने के कारण जिला अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती है। सीएचसी पर जांच की भी बेहतर सुविधा नहीं है। मरीजों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाती है। अधिकतर दवाएं व जांचें बाहर की लिखी जाती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तुलसीपुर अधीक्षक डॉ विकल्प मिश्र ने बताया कि बारिश के बाद संक्रामक रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। सीएचसी गैसड़ी अधीक्षक डॉ अरविंद कुमार ने बताया कि बारिश के इस मौसम में अधिकतर गांव में जल जमाव है, जिससे भी लोग संक्रामक रोगों के शिकार हो रहे हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को इलाज के साथ-साथ संक्रामक रोगों से बचाव की सलाह भी दी जा रही है। बीमारियों के बचने के लिए चिकित्सक दे रहे परामर्श चिकित्सक संक्रामक रोगों से बचने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। जिला मेमोरियल अस्पताल के चिकित्सक डॉ ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि बरसात में पानी उबालकर पीना चाहिए। बीमारियों से बचने के लिए तली-भुनी व बाहरी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें। ताजा और हल्का भोजन करें। मौसमी फल का प्रयोग अधिक करें। अपने आस-पास जल जमाव न होने दें। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। गंदगी से दूर रहें। उन्होंने बताया कि संक्रामक रोगों में एक से दूसरे शरीर में फैलने की क्षमता होती है। मलेरिया, टायफायड, चेचक, इन्फ्लूएंजा इत्यादि रोग इसके उदाहरण हैं। कोट इस समय मौसमी बीमारियों से लोग तेजी ग्रसित हो रहे हैं। इसलिए अस्पताल में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। सभी चिकित्सकों को ड्यूटी पर रहने का निर्देश दिया गया है। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए, इसका प्रयास किया जा रहा है। डॉ राज कुमार, सीएमएस संयुक्त जिला चिकित्सालय बलरामपुर