कोइलाबास फीडर ठप, चार दिन से अंधेरे में एक लाख आबादी

Newswrap हिन्दुस्तान, बलरामपुर
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Balrampur News - सोमवार सुबह आए तूफान के बाद तुलसीपुर के कोइलाबास फीडर से जुड़े सैकड़ों गांवों की करीब एक लाख आबादी बिजली संकट झेल रही है। आपूर्ति ठप होने से कई समस्याएँ उत्पन्न हुई हैं। कर्मचारी फाल्ट दूर करने में लगे हैं, जबकि गांवों की बिजली व्यवस्था को बहाल कराने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।

कोइलाबास फीडर ठप, चार दिन से अंधेरे में एक लाख आबादी

जरवा, संवाददाता। सोमवार सुबह आए तूफान के बाद उपखंड तुलसीपुर के कोइलाबास फीडर से जुड़े चौहत्तर कला, बघेलखंड, पिपरा दुर्गानगर, नगई, प्रतापपुर, पिपरी, लौकी खुर्द, भगवानपुर समेत सैकड़ों गांवों की करीब एक लाख आबादी अब तक बिजली संकट झेल रही है। आपूर्ति ठप होने से मोबाइल बंद, ई-रिक्शा संचालन प्रभावित, दिहाड़ी मजदूरों का कामकाज ठप और पेयजल संकट गहरा गया है। स्कूलों में कंप्यूटर व विज्ञान प्रयोगशाला बंद हैं, जबकि नेटवर्क ठप होने से संपर्क और आवागमन की दिक्कत भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिले का सबसे बड़ा यह फीडर करीब 60 किमी जंगल क्षेत्र से जर्जर व नंगी लाइन के सहारे गुजरता है, जिससे आए दिन फाल्ट होता है। जेई दयाराम ने बताया कि कर्मचारी युद्ध स्तर पर फाल्ट दूर करने में लगे हैं। क्षेत्र बड़ा और संसाधन सीमित होने के बावजूद जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है。

कोट :

सोमवार को आई आंधी व बारिश के चलते तमाम पोल व बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नगर क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था बहाल करा दी गई है। गांवों की बिजली व्यवस्था को बहाल कराने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कराया जा रहा है। जल्द ही गांवों की भी बिजली आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।

Voice of UP

अजय कुमार, अधीक्षण अभियंता बलरामपुर

सामान्य प्रश्न

तूफान के बाद कितने गांवों की बिजली प्रभावित हुई है?
तूफान के बाद चौहत्तर कला, बघेलखंड, पिपरा दुर्गानगर, नगई, प्रतापपुर, पिपरी, लौकी खुर्द, भगवानपुर समेत सैकड़ों गांवों की बिजली प्रभावित हुई है।
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