भीषण गर्मी के बीच गहराया बिजली संकट, ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज और कटौती से लोग बेहाल

हिन्दुस्तान, बलरामपुर
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बलरामपुर, संवाददाता। जिले में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था लगातार चरमराती जा रही

भीषण गर्मी के बीच गहराया बिजली संकट, ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज और कटौती से लोग बेहाल

बलरामपुर, संवाददाता। जिले में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था लगातार चरमराती जा रही है। कहीं बंदरों के उत्पात से ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं तो कहीं ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज, अघोषित कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं। शहर से लेकर गांव तक उपभोक्ताओं में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। नगर के तुलसीपार्क में ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण आपूर्ति बाधित हो गई, जिसके चलते लोगों का हाल बेहाल हो गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती के कारण लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

ट्रांसफार्मर में बंदरों का उत्पात

मंगलवार को नगर के तुलसीपार्क के समीप स्थापित 250 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर बंदरों के हुड़दंग का शिकार हो गया। विद्युत विभाग की मानें तो 19 मई को ट्रांसफार्मर के डबल पोल पर बंदरों के उछलकूद करने से तार आपस में टकरा गए और लाइन ट्रिप हो गई। पेट्रोलिंग के दौरान कर्मचारियों ने फ्यूज कटने की जानकारी मिलने पर तत्काल मरम्मत कर लगभग आधे घंटे बाद आपूर्ति बहाल कर दी। इसके बाद बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे बंदरों का झुंड फिर ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया, जिससे ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके चलते इलाके की बिजली गुल हो गई। सुबह साढ़े पाचं से दस बजे तक मोहल्लावासियों को बूंद-बूंद पानी के लिए भी तरसना पड़ा। लोगों के लगातार शिकायत के बाद बिजली विभाग की ओर से लगभग पांच घंटे बाद मोबाइल ट्रॉली ट्रांसफार्मर लगाकर क्षेत्र की आपूर्ति बहाल कराई। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी में बढ़ते लोड और तकनीकी दिक्कतों के बावजूद व्यवस्था को सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है। इधर जिले के ग्रामीण इलाकों में भी बिजली संकट गंभीर होता जा रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग द्वारा लगातार रोस्टिंग और कटौती की जा रही है, जबकि लो-वोल्टेज के कारण पंखे और कूलर तक नहीं चल पा रहे हैं। शाम के समय बिजली कटने से महिलाओं को भोजन बनाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार 18 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बदतर हैं। कई स्थानों पर लोग पूरी रात जागकर बिजली आने का इंतजार करते रहे। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा.

तराई क्षेत्र में लो-वोल्टेज से लोग परेशान

हर्रैया सतघरवा संवाददाता के अनुसार विद्युत उपकेंद्र महराजगंज तराई से जुड़े दर्जनों गांवों में बीते एक माह से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। भुजेहरा, टेढ़ीप्रास, डेरवा, खैरहनिया, मोतीपुर, टिटहिरिया, पूरनपुर और अमवा समेत कई गांवों में लो-वोल्टेज और बार-बार लाइन ट्रिप होने से ग्रामीण परेशान हैं। लोगों का कहना है कि रात में दो-दो घंटे की रोस्टिंग की जा रही है, जबकि बिजली आने पर भी वोल्टेज इतना कम रहता है कि पंखे तक नहीं चल पाते। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार प्रदर्शन और 1912 पर शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। शाम के समय बिजली कटने से घरों में अंधेरा छा जाता है और महिलाओं को मोमबत्ती के सहारे भोजन बनाना पड़ता है। मोहन, राजेश कुमार, शिवम, विजय कुमार और विनय कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी में बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं। मंगलवार रात लोग पूरी रात अधिकारियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन बिजली व्यवस्था सामान्य नहीं हो सकी.

अचरपुर चौधरी क्षेत्र में घंटों हो रही कटौती

सादुल्लाहनगर संवाददाता के अनुसार अचलपुर चौधरी पावर हाउस क्षेत्र में बिजली संकट ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले दो सप्ताह से गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह अव्यवस्थित बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि केवल पांच मिनट बिजली देने के बाद दो घंटे तक कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी में इस आंख-मिचौनी से लोगों में भारी आक्रोश है। गुमा फातमाजोत के प्रधान रमेश गुप्त ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बिजली आपूर्ति का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। अताउल्लाह खान ने बताया कि बिजली न रहने से खेती-किसानी और व्यापार प्रभावित हो रहा है। वहीं कीर्तिमान शुक्ला ने कहा कि बार-बार कटौती से बीमार और बुजुर्ग लोगों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय नागरिक गोपाल और श्याम जी ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या सुनने के बजाय फोन बंद कर लेते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उपभोक्ताओं ने उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है.

भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोग बेहाल, ग्रामीण-शहरी क्षेत्र में बढ़ी परेशानी

उतरौला क्षेत्र में भीषण उमस और तेज गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीण और नगर क्षेत्रों में अघोषित कटौती तथा बार-बार ट्रिपिंग से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है। करीब 200 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि घंटों बिजली गायब रहने के कारण पेयजल संकट गहरा गया है, क्योंकि अधिकांश गांवों में पानी की व्यवस्था मोटर और सबमर्सिबल पंपों पर निर्भर है। वहीं नगर के कई मोहल्लों में रातभर बिजली की आवाजाही बनी रहने से लोग चैन की नींद नहीं ले पा रहे हैं। उमस भरी गर्मी में पंखे और कूलर बंद होने से बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे अधिक परेशान हैं। व्यापारियों ने बताया कि दिन में बिजली कटौती और गर्मी के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है। क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और अघोषित कटौती पर रोक लगाने की मांग की है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦बलरामपुर में बिजली संकट के कारण क्या हैं?−
बलरामपुर में बिजली संकट के कारण बंदरों का उत्पात, लो-वोल्टेज, अघोषित कटौती और बार-बार ट्रिपिंग हैं।
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