यक्ष एप से अपराधियों पर कसेगी नकेल
Balrampur News - बलरामपुर में पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए एआई आधारित यक्ष ऐप शुरू किया है। इस ऐप से अपराधियों का डेटा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा, जिसमें नाम, पता, गैंग कनेक्शन और लोकेशन की जानकारी मिलेगी। ऐप में फेशियल और वॉयस रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे पुलिस की निगरानी प्रणाली में सुधार होगा।

बलरामपुर। अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। इसी क्रम में एआई आधारित यक्ष एप्लीकेशन शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से अपराधियों का पूरा डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा। इस एप के जरिए अपराधी का नाम, पता, गैंग कनेक्शन, पुराने अपराध और वर्तमान लोकेशन की जानकारी तुरंत मिल सकेगी। यदि कोई अपराधी अपने निर्धारित निवास स्थान से अचानक गायब होता है या लोकेशन बदलता है तो संबंधित थाने और बीट सिपाही को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। यक्ष ऐप में उन्नत फेशियल और वॉयस रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया गया है।
यदि कोई अपराधी हुलिया बदलकर या फर्जी नाम से रह रहा हो, तो पुलिस उसकी फोटो लेकर एप के जरिए तुरंत उसका पुराना रिकॉर्ड देख सकेगी। जिले में एक फरवरी से इस प्रणाली के लिए डेटा डिजिटाइजेशन का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। ऐप में अपराधी प्रोफाइलिंग, फिंगरप्रिंट और बायोमीट्रिक एकीकरण, रीयल-टाइम डेटा एक्सेस, हॉट स्पॉट मैपिंग और इंटर-एजेंसी डेटा शेयरिंग जैसे पांच मॉड्यूल शामिल किए गए हैं। बीट सिपाही गली-मोहल्लों और अपराधियों के घरों की जियो टैगिंग कर रहे हैं, जिससे अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना और आसान होगा। यक्ष ऐप लागू होने के बाद पुलिसकर्मियों को कागजी रजिस्टर लेकर घूमने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बीट सिपाही सीधे मौके पर जाकर एप के माध्यम से अपराधियों का भौतिक सत्यापन करेंगे। सिपाहियों द्वारा अपडेट की गई जानकारी सीधे वरिष्ठ अधिकारियों के डैशबोर्ड पर दिखाई देगी, जिससे निगरानी व्यवस्था और पारदर्शी तथा तेज होगी।
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