
हिन्दुस्तान की खबर का सीएम कार्यालय ने लिया संज्ञान, अब महिला आरक्षी को जगी न्याय की आस
संक्षेप: Balrampur News - छोड़छाड़ की शिकार महिला आरक्षी को अब न्याय की उम्मीद है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले का संज्ञान लिया है और सभी आरोपियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पीड़िता ने पहले भी शिकायत की थी, लेकिन मामले को दबाया गया। अंततः, मीडिया की भूमिका के बाद, जांच में तेजी आई है और उम्मीद है कि उसे न्याय मिलेगा।
छोड़छाड़ पीड़ित आरक्षी को अब न्याय की आस जगी है। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने 14 नवंबर को प्रमुखता से इससे संबंधित खबर प्रकाशित की थी। इसका मुख्यमंत्री कार्यालय ने कड़ा संज्ञान लिया है। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद ने महानिरीक्षक देवीपाटन को पत्र भेजा है। इसमें सभी आरोपियों पर विधि सम्मत कार्रवाई कर रिपोर्ट से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम कार्यालय के संज्ञान लेने के बाद पीड़िता को न्याय की उम्मीद जगी है तो आरोपितों में खलबली मच गई है। पांच पर विभागीय कार्रवाई संग मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। कोतवाली देहात में हेल्प डेस्क पर तैनात महिला आरक्षी से होली की आड़ में दीवान समेत पांच पुलिस कर्मियों ने छेड़खानी थी।

बचने के लिए आरक्षी परिसर में खड़े ट्रैक्टर पर चढ़ गई, लेकिन नशे में धुत पांचों ने उसको नीचे उतारकर रंग लगाया। वह शोर मचाती रही, लेकिन किसी ने नहीं सुना। इसकी लिखित शिकायत पीड़िता ने तत्कालीन एसएचओ से की, लेकिन मामले को दबा दिया गया। इसके बाद सीओ, एएसपी व एसपी के समक्ष भी पीड़िता ने प्रस्तुत होकर आपबीती सुनाई। एसपी ने मामले को संज्ञान में लेकर टीम गठित कर जांच के आदेश दिए। आठ माह जांच को हो गए। पांच बार पीड़िता के बयान दर्ज किए गए, लेकिन हर बार विभाग की बदनामी का हवाला देकर पीड़िता को कदम खींचने के लिए मजबूर किया गया। मामला राज्य महिला आयोग के पास पहुंचा तो हिंदुस्तान ने 14 नवंबर को इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद मंडलायुक्त ने संज्ञान लिया। मामला सीएम कार्यालय भी पहुंचा, जिसके बाद अब प्रमुख सचिव संजय प्रसाद की ओर से पुलिस महानिरीक्षक को पत्र भेजकर कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की गई है। जांच के नाम पर आठ माह से मिल रही तारीख महिला आरक्षी से जुड़े मामले की जांच सीओ सदर ज्योतिश्री कर रही हैं। मामले को आठ माह हो चुके हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में उनकी ओर से उच्चाधिकारियों को पूरी रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। कार्रवाई के नाम पर पहले तीन व बाद में मुख्य दो आरोपी पुलिस कर्मियों को लाइन भेजा गया है। भरी कोतवाली में महिला आरक्षी को निशाना बनाने वाले आरोपी दीवान समेत पांचों को बचाने का ही प्रयास किया गया है। कोट सीओ सदर ज्योतिश्री की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। विशाल पांडेय, एएसपी, बलरामपुर

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