मैरिज हॉल का भवन नहीं हुआ हस्तांतरित, नहीं मिल पा रही सुविधा
Balrampur News - उतरौला के पटेल नगर में डूडा द्वारा बनाया गया मैरिज हाल तीन दशक बाद भी अधूरा है। इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ और नगर पालिका को हस्तांतरित नहीं किया गया। अब यह कबाड़ घर में बदल गया है। गरीब परिवारों को सस्ते विवाह की सुविधा नहीं मिल रही है, जिससे उन्हें निजी मैरिज हॉल में ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।

उतरौला, संवाददाता। नगर के मोहल्ला पटेल नगर में डूडा द्वारा बनवाया गया मैरिज हाल लगभग तीन दशक बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य पूरा न होने और नगर पालिका परिषद उतरौला को हस्तांतरण न किए जाने के कारण यह भवन अब अपनी उपयोगिता खो चुका है। इस समय यह मैरिज हॉल कबाड़ रखने का स्थान बनकर रह गया है। यह मैरिज हाल बसपा शासनकाल में आवासीय कॉलोनी के सामने बनवाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों को विशेषकर गरीब परिवारों को कम खर्च में विवाह जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना था। लेकिन निर्माणदायी संस्था ने भवन को अधूरा छोड़ दिया।
आज इसकी स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है। टूटी खिड़कियां, उखड़ा प्लास्टर, टूटे दरवाजे और चारों ओर फैली गंदगी इसकी बदहाली बयां कर रही है। भवन में न तो बैठने की कोई व्यवस्था है और न ही बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। मैरिज हाल के आसपास बहते गंदे पानी के कारण अंदर जाना भी मुश्किल हो गया है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अराजक तत्वों ने इसे लोहे के कबाड़ का गोदाम बना लिया है। नगर में निजी मैरिज हालों में एक शादी के लिए 50 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक खर्च करना पड़ता है, जिससे गरीब परिवारों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। यदि यह सरकारी मैरिज हाल पूरा हो जाता, तो लोगों को सस्ते दरों पर सुविधा मिल सकती थी। नगर पालिका परिषद उतरौला के अधिशासी अधिकारी राजमणि वर्मा ने बताया कि भवन का हस्तांतरण न होने के कारण पालिका इसकी देखरेख या बुकिंग नहीं कर पा रही है। अब सवाल यह है कि आखिर कब यह भवन अपने मूल उद्देश्य को पूरा कर पाएगा।
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