रमजान में इबादत के साथ सेहत की हिफाजत भी जरूरी: डॉ यासिर
Balrampur News - माहे रमजान में रोजेदारों को अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। डॉ. यासिर खान ने कहा कि गर्मी में बिना भोजन और पानी के रहने से डीहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्ग और बीमार लोगों को रोजा रखने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। संतुलित आहार और इफ्तार में फास्ट फूड से बचने की सलाह दी गई है।

गैड़ास बुजुर्ग, संवाददाता। माहे रमजान के दस रोजे पूरे हो चुके हैं और तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में रोजेदारों को इबादत के साथ अपनी सेहत का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला के चिकित्साधिकारी डॉ. यासिर खान ने बताया कि बदलते मौसम में पूरे दिन बिना भोजन और पानी के रहने से डीहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए खानपान में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। डॉ यासिर ने कहा कि बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और अनियंत्रित डायबिटीज, किडनी, लीवर या हृदय रोग से पीड़ित मरीज रोजा रखने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
बीमारी की स्थिति में रोजा न रखने की अनुमति है और सक्षम व्यक्ति जरूरतमंदों की मदद कर सकता है। रोजेदारों को खास एहतियात बरतनी जरूरी है। डॉ. खान ने सलाह दी कि इफ्तार में हल्का व संतुलित भोजन लें और फास्ट फूड, तली-भुनी व मसालेदार चीजों से परहेज करें। रोजा खोलते समय नींबू पानी या नारियल पानी का सेवन लाभकारी है। खजूर को इफ्तार का हिस्सा बनाएं, क्योंकि इसमें फाइबर व एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं। सहरी अवश्य करें और उसमें दूध व ड्राई फ्रूट्स शामिल करें। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, सेब, अंगूर और संतरा जैसे फलों को नियमित आहार में शामिल करें। इफ्तार के समय कोल्ड ड्रिंक और अत्यधिक ठंडे पानी से बचें तथा इफ्तार के तुरंत बाद धूम्रपान न करें।
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