प्राकृतिक व जैविक खेती अपनाएं किसान: उप कृषि निदेशक
बलरामपुर के उप कृषि निदेशक डॉ. श्याम नारायण राम ने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पद्धति भूमि की उर्वरता बनाए रखने और उत्पादन लागत कम करने में मदद करती है। प्राकृतिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है और किसानों को अच्छे दाम मिलते हैं।

बलरामपुर, संवाददाता। उप कृषि निदेशक डॉ. श्याम नारायण राम ने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यह खेती की ऐसी पद्धति है, जो भूमि की उर्वरता को बनाए रखने के साथ-साथ उत्पादन लागत कम करने में सहायक है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, इसलिए किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाना चाहिए। विकास भवन सभागार में आयोजित एक दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. राम ने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से मिट्टी की संरचना व गुणवत्ता में सुधार होता है तथा खेती योग्य भूमि लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।
इसके अलावा फसलों की गुणवत्ता बेहतर होने से किसानों को बाजार में अच्छे दाम भी मिलते हैं। उन्होंने कहा कि जल, भूमि व पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की आवश्यकता बन गई है। सरकार भी किसानों को इस दिशा में जागरूक करने और उन्हें तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं कार्यशालाओं का आयोजन कर रही है। डॉ. राम ने किसानों से स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने व अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि प्राकृतिक खेती न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि कृषि को अधिक टिकाऊ, सुरक्षित व लाभकारी बनाने का प्रभावी माध्यम भी है।
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