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बलरामपुर

नगर के तालाब एवं पोखरों पर अतिक्रमण का ग्रहण

हिन्दुस्तान टीम,बलरामपुरPublished By: Newswrap
Tue, 28 Sep 2021 03:01 AM
नगर के तालाब एवं पोखरों पर अतिक्रमण का ग्रहण

बलरामपुर। संवाददाता

नगर में जल संचयन संसाधन के रूप में स्थापित तालाब एवं पोखरों पर अतिक्रमण का ग्रहण लगा है। उनकी जमीनों पर अनाधिकृत रूप से भवनों का निर्माण करा लिया गया है। नगर में तालाब व पोखरों का स्वरूप बिगड़ता जा रहा है। वर्षा का पानी बेतरतीब बहकर नष्ट हो जाता है। साथ ही नगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। जल संचयन के प्रति आम आदमी व जिला प्रशासन अनभिज्ञ हैं।

आजादी के पूर्व बलरामपुर राज परिवार जल संचयन को लेकर जागरूक था। जल संचयन के लिए नगर क्षेत्र में दर्जन भर बड़े तालाबों का निर्माण कराया गया था। जिसमें वर्षा का जल एकत्रित होता था। साथ ही वर्षा ऋतु में सड़कों का पानी बहकर तालाबों में जाता था, जिससे नगर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती थी। नगर में झारखंडी, मेवालाल, पुरैनिया, पजावा, रानी तालाब, मोती सागर व बुढ़वा तालाब को जल संचयन का प्रमुख श्रोत माना जाता है। बढ़ती आबादी के साथ तालाबों का दायरा सिकुड़ता जा रहा है। लोग तालाब पाटकर वहां मकान निर्माण करा रहे है। नगर क्षेत्र में ऐसा कोई तालाब नहीं बचा जिस पर अतिक्रमण न हो। निबकौनी सरोवर का अस्तित्व अतिक्रमण के कारण समाप्त होता जा रहा है।

बाक्स-

अधिकांश तालाबों का पानी दूषित हो चुका

नगर स्थित सभी तालाबों का जल किसी जमाने में स्वच्छ होता था। अब लोगों के घरों से निकलने वाला गंदा पानी तालाबों में जाता है। लोगों ने तालाब पाटकर उस पर सेफ्टी टैंक बना लिया है। टैंक से निकलने वाला मल पानी में मिल जाता है। लोग अपने घरों का कचरा तालाबों में फेंक देते हैं। कुछ स्थानों पर तालाबों में कूड़ा भी पाटा जा रहा है। पर्यावरण विद डा. हिमांशु धर द्विदेवी का कहना है कि तालाब पटने से नगर क्षेत्र में जल संचयन की क्षमता कम हुई है। तालाबों में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। नगर क्षेत्र में वाटर लेबल घट रहा है। गर्मी के दिनों में कुछ स्थानों पर हैंडपंप सूख जाते हैं। तालाबों की सफाई कराकर अतिक्रमण हटवाना जनहित में होगा।

कोट-

जिन तालाबों पर अतिक्रमण किया गया है, उन्हें चिन्हित कराया जाएगा। विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाया जाएगा। जिन लोगों ने अवैध निर्माण करा रखा है, उन्हें नोटिस जारी की जाएगी। तालाबों का सर्वेक्षण शीघ्र ही कराया जाएगा।

अरुण कुमार गौड़, एसडीएम बलरामपुर

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