साधना से ही होगा युग परिवर्तन: डॉ. चंद्रमणि
तुलसीपुर में गायत्री शक्तिपीठ में डॉ. चंद्रमणि शुक्ल का स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदना से हुई और इसके बाद सामूहिक जप का आयोजन किया गया। डॉ. शुक्ल ने साधना को आत्मपरिष्कार का सर्वोत्तम माध्यम बताया और गायत्री परिजनों से नियमित साधना अपनाने का आह्वान किया।
तुलसीपुर, संवाददाता। गायत्री शक्तिपीठ तुलसीपुर में शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि व देव संस्कृति विश्वविद्यालय के ग्राम प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर डॉ. चंद्रमणि शुक्ल का भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया।कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना से हुआ। इसके पश्चात राष्ट्र की प्रगति, सुख-समृद्धि एवं विश्व शांति के लिए एक घंटे का सामूहिक जप आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में गायत्री परिजनों ने सहभागिता की। अपने उद्बोधन में डॉ. चंद्रमणि शुक्ल ने कहा कि वर्ष 2026 वंदनीया माता जी का शताब्दी वर्ष होने के साथ-साथ साधना वर्ष के रूप में भी मनाया जा रहा है।
उन्होंने परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “संसार में युग परिवर्तन होगा तो गायत्री मंत्र से ही होगा।” उन्होंने साधना को आत्मपरिष्कार और सिद्धि प्राप्ति का सर्वोत्तम माध्यम बताते हुए प्रत्येक गायत्री परिजन से नियमित साधना अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला समन्वयक सत्य प्रकाश शुक्ल, गुलाब चंद्र भारती, राजीव गोयल, प्रदीप गोयल, कन्हैयालाल वर्मा, नीरज गुप्ता सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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