
प्रभु राम का आदर्श व श्रीकृष्ण का जीवन अधर्म के अंत का शुभारंभ है
Balrampur News - तुलसीपुर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के चौथे दिन कथा व्यास गोपाल दास जी महाराज ने श्रीराम चरित्र और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की दिव्य लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि धर्म संकट में भगवान का अवतार होता है। भक्तों ने भजनों पर आनंद लिया।
तुलसीपुर, संवाददाता । आदर्श नगर पंचायत तुलसीपुर के बैरागी कॉलोनी स्थित मंदिर परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के चौथे दिन बृहस्पतिवार को कथा व्यास गोपाल दास जी महाराज (श्रीधाम वृंदावन) ने श्रीराम चरित्र, भगवान श्रीकृष्ण जन्म एवं नंद उत्सव की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन कर भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। कहा कि श्रीराम का जीवन आदर्श, मर्यादा और धर्म पालन का सर्वोत्तम उदाहरण है, जबकि श्रीकृष्ण का जन्म अत्याचार और अधर्म के अंत का शुभारंभ है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार कंस का आतंक बढ़ने पर भगवान ने देवकी-वसुदेव के घर अवतार लिया, वह इस बात का संकेत है कि जब-जब धर्म पर संकट आता है, तब ईश्वर स्वयं अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं।
नंद उत्सव का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि नंद बाबा का आनंद, गोपियों का उत्साह और गोकुल में उमड़ी हर्ष की लहर ईश्वरीय प्रकट्य का प्रतीक है। कथा के दौरान भक्त नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की भजन पर झूम उठे। कार्यक्रम में मुख्य यजमान प्रेमचंद सोनी एवं सुशीला देवी ने विधि-विधान से भागवत पुराण की आरती, वंदना और पूजा-अर्चना की। मोतीलाल जायसवाल, बजरंगी लाल, अनिल कसौधन, राजू, विद्याकांत पांडे, लालबहादुर गुप्ता, विद्या प्रसाद गुप्ता, स्वामीनाथ गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, अजय कुमार, विजय कुमार, सुनीता एवं शिवानी , ओम प्रकाश चौरसिया, बनारसी मोदनवाल , विकास सोनी, सुग्रीव सोनी, संदीप कुमार मौजूद रहे।

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