बाढ़ से निपटने की तैयारियों का हुआ बड़ा पूर्वाभ्यास, सिसई घाट पर मेगा मॉकड्रिल
बलरामपुर में जिला प्रशासन ने बाढ़ से जुड़ी तैयारी का परीक्षण किया। मेगा मॉक एक्सरसाइज में राप्ती नदी में डूब रहे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया गया। इस दौरान राहत कार्यों का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें प्रशासन ने संपूर्ण तैयारियों का जायजा लिया।
बलरामपुर, संवाददाता। जिला प्रशासन ने गुरुवार को बाढ़ से जुड़ी तैयारी का परीक्षण किया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तरफ से जनपद की तीनों तहसीलों में राज्य स्तरीय मेगा मॉक एक्सरसाइज आयोजित हुई। मुख्य कार्यक्रम सदर तहसील के सिसई घाट पर हुआ। फ्लड पीएसी, राजस्व विभाग, पुलिस, एसएसबी, स्वास्थ्य विभाग व अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बाढ़ राहत व बचाव कार्यों का पूर्वाभ्यास किया। मॉक ड्रिल के दौरान नदी में नाव पलटने से लोगों के डूबने व बाढ़ के कारण गांवों के चारों ओर पानी भर जाने जैसी परिस्थितियों का सजीव प्रदर्शन किया गया। फ्लड पीएसी के जवानों ने राप्ती नदी में डूब रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया, जबकि राहत टीमों ने टापू में फंसे ग्रामीणों को मोटरबोट के माध्यम से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की कार्रवाई की。
मॉक ड्रिल की मुख्य गतिविधियां
कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन व पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने स्वयं मौजूद रहकर बचाव एवं राहत कार्यों की निगरानी की। मॉक ड्रिल के लिए कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय सिसई को स्टेजिंग एरिया और बाढ़ शरणालय के रूप में विकसित किया गया था। यहां बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों को सुरक्षित पहुंचाने, उनके भोजन, चिकित्सा और पशुओं की देखभाल की व्यवस्थाओं का भी प्रदर्शन किया गया।
निर्धारित प्रक्रियाएं
पूर्वाभ्यास के अनुसार प्रशासन को सूचना मिली कि राप्ती नदी में कुछ लोग डूब रहे हैं। सूचना मिलते ही जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर सक्रिय हुआ और पूरी इंसिडेंट रिस्पांस टीम मौके पर पहुंची। फ्लड पीएसी के जवानों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार प्रदान कर उन्हें स्वास्थ्य केंद्र भेजा।
घटनाक्रम का समापन
इसी क्रम में दूसरी काल्पनिक घटना में ठकुरापुर गांव के पास नदी के बीच बने टापू पर कुछ लोगों के फंसे होने की सूचना दी गई। डीएम के निर्देश पर राहत व बचाव दल ने मोटरबोट के जरिए वहां पहुंचकर सभी लोगों को सुरक्षित निकाला और बाढ़ शरणालय पहुंचाया। डीएम ने कहा कि मॉक एक्सरसाइज का उद्देश्य बाढ़ आपदा के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता व राहत कार्यों की तैयारी का परीक्षण करना है। कमियों को समय रहते दूर किया जाएगा ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में लोगों को त्वरित राहत उपलब्ध कराई जा सके। जनपद में बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों के लिए सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गई हैं। संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) की टीम पूरी तरह सक्रिय है। मॉक एक्सरसाइज में एडीएम वित्त एवं राजस्व व इंसिडेंट कमांडर ज्योति राय, एएसपी विशाल पाण्डेय, सीएमओ डॉ. मुकेश रस्तोगी, एसडीएम सदर हेमंत गुप्त, तहसीलदार अभिनव सिंह चौहान, सीओ ज्योतिश्री, एआरटीओ बृजेश यादव, एआरएम रोडवेज गोपीनाथ दीक्षित, आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन, पंचायतीराज, पशुपालन, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, आंगनबाड़ी तथा अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
मॉक ड्रिल की प्रमुख गतिविधियां
बाढ़ प्रभावित गांव से लोगों को सुरक्षित निकालना
बाढ़ शरणालय में राहत व्यवस्था का परीक्षण
नदी में डूब रहे लोगों का रेस्क्यू
टापू में फंसे ग्रामीणों को मोटरबोट से निकालना
घायलों को प्राथमिक उपचार व अस्पताल पहुंचाना
पशुओं के बचाव व उपचार की व्यवस्था का अभ्यास
विभिन्न विभागों के बीच समन्वय व संचार प्रणाली की जांच
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


