Balrampur News: महिला को आठ लाख रुपये आने का झांसा देकर 4.12 लाख की साइबर ठगी
Balrampur News: बलरामपुर के ग्राम फतेहपुर की जुबैदा खातून साइबर ठगी का शिकार हुईं, जहां जालसाजों ने उनके खाते में गलती से आठ लाख रुपये भेजने का झांसा देकर उनसे 4.12 लाख रुपये ठग लिए। जब पीड़िता ने रुपये वापस मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Balrampur News: बलरामपुर, संवाददाता। बलरामपुर के उतरौला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर निवासी जुबैदा खातून साइबर ठगी का शिकार हो गईं। जालसाजों ने उनके खाते में गलती से आठ लाख रुपये भेजे जाने का झांसा देकर पहले तीन हजार रुपये वापस ट्रांसफर कराए। इसके बाद अलग-अलग किस्तों में उनके खाते से कुल 4.12 लाख रुपये निकाल लिए। ठगी का एहसास होने पर रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने पीड़िता को धमकाते हुए उनके पति की हत्या करने की धमकी तक दी। मामले में साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आठ लाख रुपये आने का दिया झांसा
आगे की कार्रवाई
पीड़िता के मुताबिक, 9 मार्च 2026 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि उनके खाते में 1,500 रुपये के स्थान पर गलती से आठ लाख रुपये ट्रांसफर हो गए हैं। जालसाज ने रकम वापस करने के नाम पर पहले उनसे तीन हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद अलग-अलग बहाने और किस्तों में उनसे रकम ट्रांसफर कराई जाती रही। इस तरह पीड़िता के खाते से कुल 4.12 लाख रुपये निकल गए।
धमकी का वीडियो
काफी रकम जाने के बाद जब पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि रकम लौटाने से इनकार करने के साथ ही जालसाजों ने उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने मोबाइल पर मारपीट का वीडियो भेजकर पीड़िता को भयभीत किया। साथ ही पुलिस से पकड़वाने और उनके पति को जान से मारने की धमकी दी।
मुकदमा दर्ज
घटना से परेशान पीड़िता ने स्थानीय पुलिस के साथ ही साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन बलरामपुर में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने 13 अगस्त 2026 को मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस अब ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, बैंक खातों और रकम के लेनदेन से जुड़े विवरणों की जांच कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। साइबर ठगी से जुड़े बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।


