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स्वास्थ्य केन्द्र की सुधरे व्यवस्था तो 40 गांवों की आबादी को मिले इलाज

स्वास्थ्य केन्द्र की सुधरे व्यवस्था तो 40 गांवों की आबादी को मिले इलाज

संक्षेप:

Balrampur News - बल्देवनगर के नवसृजित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और अव्यवस्थाओं के कारण क्षेत्र के गांवों के मरीज निराश होकर लौट रहे हैं। चिकित्सकों की अनुपस्थिति, सीमित संसाधन और बदहाल आधारभूत ढांचा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

Dec 13, 2025 04:30 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बलरामपुर
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ललिया, संवाददाता। नवसृजित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बल्देवनगर की जमीनी हकीकत स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्षेत्र के लगभग चालीस गांवों की बड़ी आबादी के लिए यह अस्पताल एकमात्र सुविधा है, लेकिन यहां व्याप्त अव्यवस्थाओं के चलते मरीज निराश होकर बिना इलाज के बैरंग लौट जाते हैं। अस्पताल में चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति न होना, सीमित संसाधन और बदहाल आधारभूत ढांचा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलता नजर आ रहा है। नेपाल सीमा से सटे हर्रैया सतघरवा ब्लाक के अन्तर्गत संचालित पीएचसी बल्देवनगर में सुविधाओं का टोटा है। तराई क्षेत्र के बल्देवनगर सहित आसपास के बसन्तपुर, मंगरा कोहल, ललिया, भवनियापुर, मकुनहवा सहित करीब दो दर्जन गांव के लोग इस अस्पताल में इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं।

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क्षेत्रीय लोग सस्ते इलाज की सुविधा पाने के लिए पीएचसी का रुख करते हैं परन्तु अस्प्ताल में चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध न होने से निराश होना पड़ता है। अस्पताल परिसर में पहुंचने पर सबसे पहले प्रभारी चिकित्साधिकारी की अनुपस्थिति खलती है। इलाज की आस में दूर-दराज गांवों से पहुंचे मरीजों को डॉक्टर की कुर्सी खाली देखकर निराश होना पड़ता है। अधिकांश समय अस्पताल का संचालन केवल स्टाफ नर्स के सहारे होता है जो उपलब्ध सीमित साधनों के बीच मरीजों को प्राथमिक उपचार और दवाइयां उपलब्ध कराने का प्रयास करती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर बीमारियों के मामलों में चिकित्सकीय परामर्श के अभाव में मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। अस्पताल भवन की हालत भी चिंता का विषय बनी हुई है। अस्प्ताल भवन की रंगाई-पुताई कई साल से नहीं हुई है और कई स्थानों पर दीवारें जर्जर अवस्था में हैं। प्लास्टर उखड़ने से भवन की मजबूती पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अस्पताल भवन के मरम्मत के साथ चिकित्सीय सुविधाओं में बढ़ोत्तरी होनी चाहिए। साथ ही गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड की जांच व विशेषज्ञ महिला चिकित्सक के परामर्श की व्यवस्था की जानी चाहिए। परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है जिससे अस्पताल का माहौल अस्वच्छ बना रहता है। अस्पताल में साफ सफाई की नियमित व्यवस्था के लिए सम्बन्धित ग्राम पंचायत के सफाई कर्मी की तैनाती हो जिससे अस्पताल साफ सुथरा बना रहे।