परिषदीय स्कूलों में छात्र नामांकन की रफ्तार धीमी
Balrampur News - बलरामपुर में नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत उत्साह के साथ हुई, जहां परिषदीय विद्यालयों में किताबों की आपूर्ति समय पर की गई। लेकिन गैस सिलेंडर की कमी ने मिड-डे मील योजना को प्रभावित किया है। कई स्कूलों में रसोइयों को खुले में खाना बनाना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।

बलरामपुर, संवाददाता। जिले में नवीन शैक्षिक सत्र की शुरुआत उत्साह के साथ हुई। इस बार शासन की पहल पर परिषदीय विद्यालयों में सत्र शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति कर दी गई, जिससे पहले ही दिन बच्चों के हाथों में किताबें पहुंचने से पढ़ाई सुचारु रूप से शुरू हो गई। हालांकि दूसरी ओर गैस सिलेंडर की कमी ने मिड-डे मील व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले में संचालित 1815 परिषदीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में करीब 2.27 लाख छात्र पंजीकृत हैं। विभाग द्वारा 21.90 लाख निशुल्क पाठ्य पुस्तकों की मांग की गई थी, जिसमें से लगभग 18 लाख पुस्तकें उपलब्ध कराकर ब्लॉकों के माध्यम से विद्यालयों तक पहुंचा दी गई हैं।
शेष 3.90 लाख पुस्तकें जल्द मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सत्र शुरू होने के शुरुआती पांच दिनों में प्रति विद्यालय औसतन 15 से 20 नए छात्रों का नामांकन भी हुआ है। शत-प्रतिशत नामांकन के लिए “स्कूल चलो अभियान” के तहत रैलियां और डोर-टू-डोर सर्वे भी किए जा रहे हैं। लेकिन गैस सिलेंडर की किल्लत के चलते विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था बाधित हो रही है। कई स्कूलों में रसोइयों को मजबूरी में लकड़ी के चूल्हों पर खुले में खाना बनाना पड़ रहा है। इससे न केवल प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि धुएं के कारण बच्चों और रसोइयों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। वहीं टाइल्स और साफ-सुथरे भवनों वाले स्कूलों में अंदर खाना बनाना संभव न होने से रसोई का काम बाहर किया जा रहा है। स्थिति यह है कि गैस की आपूर्ति बाधित होने से शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पोषण योजना भी प्रभावित हो रही है। विद्यालय प्रशासन ने कई बार विभाग और एजेंसियों को सूचना दी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है।कई स्कूलों में खुले आसमान के नीचे बन रहा खाना:जिले के कई विद्यालयों में गैस संकट की गंभीर स्थिति देखने को मिल रही है। नगर क्षेत्र के कंपोजिट स्कूल पूरब टोला में 20 मार्च से गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं है, जिससे रसोइयों को खुले आसमान के नीचे लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाना पड़ रहा है। प्रधानाध्यापिका द्वारा विभाग को सूचना देने के बावजूद अब तक सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो सकी है। इसी तरह आदर्श कंपोजिट विद्यालय में 16 मार्च से गैस न मिलने के कारण चूल्हे पर खाना बन रहा है, जिससे मिड-डे मील के मेन्यू में भी बदलाव करना पड़ रहा है। कई जगहों पर रोटी-सब्जी की जगह चावल-सब्जी बनाई जा रही है। श्रीदत्तगंज और हर्रैया सतघरवा क्षेत्र के विद्यालयों में भी यही हाल है, जहां 15 मार्च से लकड़ी पर खाना पकाया जा रहा है। कुछ रसोइयों ने धुएं और कठिनाई के कारण असहजता भी जताई है।शुभम शुक्ल, बीएसए बलरामपुर ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में शत प्रतिशत नामांकन पर जोर दिया जा रहा है। स्कूल चलो रैली एवं दो-डोर सर्वे के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। विद्यालयों में गैस सिलेंडर की की समस्या को लेकर जिला पूर्ति अधिकारी से वार्ता की गई है। जल्द ही स्कूलों को सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
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