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बलरामपुर:कोरोना संक्रमण के चलते नहीं खुले स्कूलों के दरवाजे

हिन्दुस्तान टीम,बलरामपुरPublished By: Newswrap
Tue, 29 Sep 2020 09:33 PM
बलरामपुर:कोरोना संक्रमण के चलते नहीं खुले स्कूलों के दरवाजे

कोरोना महामारी संक्रमण काल के छह माह से अधिक समय बीतने के बावजूद स्कूलों के दरवाजे नहीं खुल सके हैं। ऐसे में बच्चों की शिक्षा बाधित न हो इसके लिए शासन की पहल पर सरकारी व निजी स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित हैं। दीक्षा ऐप पर कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक सभी पाठ्य पुस्तकें अपलोड हैं। साथ ही शिक्षक वीडियो अपलोड कर ऐप के माध्यम से बच्चों को आनलाइन शिक्षा दे रहे हैं। वहीं परिषदीय स्कूलों के मात्र 20 प्रतिशत विद्यार्थी ही नेटवर्क व मोबाइल की अनुपलब्धता के कारण ऑनलाइन कक्षा का लाभ ले पा रहे हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक मोबाइल की समस्या परिषदीय बच्चों को देखते हुए पूल बनाकर करीब 25 प्रतिशत और बच्चों को इस सुविधा से जोड़ने का प्रयास किया गया है। शिक्षकों के माध्यम से व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर जिस बच्चे के पास मोबाइल होती है उसके व्हाट्सऐप पर शिक्षण विधि के ऑडियो वीडियो को भेजा जाता है। उस बच्चे से जुड़े कम से कम पांच बच्चे इससे जुड़कर इस सुविधा का लाभ लेते हैं। करीब छह प्रतिशत परिषदीय स्कूलों के अभिभावकों ने दीक्षा ऐप अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर अपने बच्चों को ऑनलाइन कक्षा की सुविधा से जोड़ा है। वहीं ऑनलाइन कक्षा में सबसे बड़ी रुकावट ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की समुचित उपलब्धता है। नेटवर्क की समस्या ऑनलाइन शिक्षा में बड़ी समस्या बनी हुई है। जिनके सरकारी स्कूलों के 70 व निजी स्कूलों के 40 प्रतिशत बच्चे स्मार्टफोन के अभाव में आनलाइन कक्षा से नहीं जुड़ पाए हैं।

ऑनलाइन कक्षा संचालन का मिल रहा प्रशिक्षण

कोरोना महामारी ने शिक्षकों को ऑनलाइन कक्षा संचालन के लिए तत्पर किया है। निजी हो या सरकारी विद्यालय सभी के शिक्षकों को इस व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा महकमा लगातार शिक्षकों को ऑनलाइन कक्षा पढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दे रहा है। विभागीय अधिकारी वर्चुअल कक्षा एवं गूगल मीट पर कई तरह की ट्रेनिंग शिक्षकों को देते हुए बच्चों को उसी के अनुरूप तालीम देने का प्रयास कर रहे हैं। दीक्षा ऐप आनलाइन शिक्षा के लिए बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। अधिकांश बच्चों के पास स्मार्टफोन न होना बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।

होगी अर्द्धवार्षिक परीक्षा

कोरोना महामारी को देखते हुए अर्द्धवार्षिक परीक्षा शासन के अग्रिम गाइडलाइन अनुसार कराई जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक निरंकार पांडेय की माने तो प्रत्येक वर्ष सितम्बर एवं अक्तूबर माह में अर्धवार्षिक परीक्षाएं आयोजित होती थी। इस बार परिस्थितियां विपरीत हैं। विभाग के दिशा निर्देशों पर ही परीक्षा में स्कूलों में कराई जाएंगी।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

बेसिक शिक्षा अधिकारी डा रामचंद्र का कहना है कि ऑनलाइन कक्षाओं से 40 प्रतिशत से अधिक परिषदीय स्कूलों के बच्चे जुड़े हैं। विभाग का प्रयास है कि शत-प्रतिशत बच्चे ऑनलाइन कक्षा से जुड़ें। वहीं माध्यमिक शिक्षा के मुखिया डीआईओएस डा. चंदन पांडेय की मानें तो इंटर कॉलेजों के 40 प्रतिशत विद्यार्थी वर्चुअल क्लास से जोड़ दिए गए हैं। स्कूलों के अध्यापक लगातार उन्हें घर पर ही ऑनलाइन कक्षा देकर शिक्षण कार्य करा रहे हैं। बच्चे ऑनलाइन कक्षा से वंचित हो रहे हैं उनके लिए भी विभाग व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से उनके नजदीकी के कांटेक्ट नंबर लेकर शिक्षण सामग्री उपलब्ध करा रहा है।

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