रेप पीड़िता से अश्लील बातें; डीजीपी सख्त, इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी समेत तीन पर केस दर्ज
बलिया में एक दुष्कर्म पीड़िता से फोन पर अश्लील बातें करने के आरोप में डीजीपी सख्त हो गए हैं। डीजीपी के आदेश पर अपराध शाखा के निरीक्षक नरेश मलिक, थाना प्रभारी संजय शुक्ला और वन विभाग के दरोगा उग्रसेन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से खाकी को शर्मसार करने वाले मामले में अब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का एक्शन हुआ है। न्याय की गुहार लगाने वाली एक दुष्कर्म पीड़िता से फोन पर अश्लील बातें करने को डीजीपी ने बेहद गंभीर माना है। इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी और वन दारोगा के खिलाफ कड़े ऐक्शन का निर्देश दिया है। डीजीपी की सख्ती के बाद तीनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह शर्मनाक घटना तब चर्चा में आई जब सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ। इस ऑडियो में जिला मुख्यालय की अपराध शाखा में तैनात निरीक्षक नरेश मलिक एक 33 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता से मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे थे। पीड़िता ने आरोप लगाया कि निरीक्षक ने उसे जांच और आरोप पत्र (चार्जशीट) के बहाने न केवल परेशान किया, बल्कि उसे अकेले में मिलने के लिए भी बुलाया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि मलिक ने उसे अपनी अनुचित मांगें पूरी करने के बदले धन का लालच भी दिया।
साजिश में शामिल थे थाना प्रभारी और आरोपी
पीड़िता ने पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) को भेजे शिकायती पत्र में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उसने बताया कि उभांव थाने में 20 फरवरी को वन विभाग के दरोगा उग्रसेन कुमार जायसवाल के खिलाफ दुष्कर्म और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। उग्रसेन पर आरोप था कि उसने शादी का झांसा देकर छह महीने तक पीड़िता का यौन शोषण किया और बाद में मुकर गया।
पीड़िता का आरोप है कि इस मामले की जांच के दौरान उभांव थाना प्रभारी संजय शुक्ला और तत्कालीन अपराध निरीक्षक नरेश मलिक ने आरोपी दरोगा से सांठगांठ कर ली। ये अधिकारी आरोपी को बचाने और पीड़िता का मानसिक शोषण करने के लिए उसे फोन पर धमकाते थे और अश्लील बातें करते थे।
DGP की सख्ती और कानूनी कार्रवाई
मामले के तूल पकड़ने और ऑडियो वायरल होने के बाद डीजीपी ने घटना का तत्काल संज्ञान लिया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार को निरीक्षक नरेश मलिक और थाना प्रभारी संजय शुक्ला को निलंबित कर दिया। बुधवार रात को इन दोनों अधिकारियों और मुख्य आरोपी उग्रसेन जायसवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस उपाधीक्षक आलोक गुप्ता ने पुष्टि की है कि मामले की विस्तृत जांच उत्तरी क्षेत्र के अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार शुक्ला को सौंपी गई है। शासन की ओर से स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि महिला सुरक्षा और गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले पुलिसकर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने बलिया पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


