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21 सितम्बर, 2020|11:31|IST

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भगवान विष्णु के अनन्त स्वरूप का हुआ पूजन

भगवान विष्णु के अनन्त स्वरूप का हुआ पूजन

भादो महीना के शुक्ल पक्ष चतुर्दशी यानि सोमवार को अखिल ब्रह्माण्ड नायक भगवान विष्णु अनंत स्वरूप का श्रद्धालुओं ने व्रत रख पूजन-अर्चन व कथा श्रवण किया। शहर के बालेश्वर मंदिर, मुक्तेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य मंदिरों पर कथा सुनने श्रद्धालु पहुंचे। कथा सुनने के बाद पुरोहित को दान-पुण्य किया। हालांकि इस साल यह व्रत सोमवार के अलावा मंगलवार यानि एक सितम्बर को भी मनाया जायेगा।

मान्यता है कि इस व्रत को करने से मनुष्य के समस्त दु:खों का नाश हो जाता है, साथ ही खोये वैभव की प्राप्ति होती है। इस व्रत को सबसे पहले वनवास काल में भटक रहे पांडवों ने श्रीकृष्ण के बताने पर द्रोपदी सहित अनवरत 14 वर्षों तक किया। जिसके परिणाम स्वरूप उनके राज-पाट सभी वापस मिले थे। तब से यह व्रत सनातन धर्म के लोगों द्वारा विधि पूर्वक किया जाता है। ग्रंथों में वर्णन के अनुसार इस व्रत में भगवान विष्णु के दो महत्वपूर्ण अवतारों में लीला व धर्म पताका स्थापना महत्ती भूमिका निभाने वाले दोनों स्वरूपों का एक साथ पूजन होता है, जिससे भक्तों की मुराद यथाशीघ्र पूरा होती है।

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  • Web Title:Worship of Lord Vishnu in eternal form