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31 मई, 2020|6:28|IST

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UPSC results 2017: बलिया के अभिषेक ने हासिल की 32वीं रैंक

प्रतीकात्मक तस्वीर

1 / 3प्रतीकात्मक तस्वीर

गांव के प्राइमरी में पढ़े अभिषेक बने आईएएस, हासिल की 32वीं रैंक

2 / 3गांव के प्राइमरी में पढ़े अभिषेक बने आईएएस, हासिल की 32वीं रैंक

अभिषेक के परिवार में खुशी का माहौल

3 / 3अभिषेक के परिवार में खुशी का माहौल

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काम के प्रति ईमानदारी व लक्ष्य को फोकस करते हुए आगे बढ़ें तो कामयाबी आपके कदम चूमेगी। इस वाक्य को अपना मंत्र बताने वाले अभिषेक वर्मा ने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर न सिर्फ अपने परिवार व गांव का सम्मान बढ़ाया है बल्कि बागी बलिया की झोली में एक और बड़ी उपलब्धि डाल दी है। अभिषेक ने सिविल सर्विस की परीक्षा (आईएएस) में 32वीं रैंक हासिल की है। इंटर तक की पढ़ाई गांव से हिन्दी माध्यम में पूरी करने वाले अभिषेक वर्तमान में मंसूरी में आईआरएस की ट्रेनिंग कर रहे हैं। अभिषेक उन लाखों छात्र-छात्राओं के लिए रोल मॉडल भी बन गए हैं, जो हिन्दी माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। 

सिकंदरपुर क्षेत्र के टड़वा गांव निवासी कोयला कारोबारी जयप्रकाश वर्मा के पुत्र व ग्राम प्रधान संजय वर्मा के छोटे भाई अभिषेक ने प्राइमरी स्तर की पढ़ाई गांाव से ही की। राजकीय इंटर कालेज (बलिया) से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा 70 प्रतिशत अंकों से पास की। इसके बाद अभिषेक ने वर्ष 2011 में मोतीलाल नेहरू विश्वविद्यालय (इलाहाबाद) से कम्प्यूटर साइंस में बीटेक किया। 2015 में रेलवे की परीक्षा पास कर अभिषेक एडीआरएम की ट्रेनिंग ही ले रहे थे कि गुगल कम्पनी में नौकरी मिल गयी और वहीं ज्वाइन कर लिया। 

अभिषेक की सफलता के कदम यहीं नहीं रूके। गुगल की नौकरी मिलते ही उन्हें आईआईटी कानपुर में एमटेक में प्रवेश मिल गया। तब उन्होंने नौकरी छोड़ दी। वर्ष  2017 में सिविल सेवा की परीक्षा में 961वीं रैंक मिलने के बाद वे फिलहाल मंसूरी में ट्रेनिंग कर रहे हैं। तीसरे प्रयास में उन्होंने इस बार 32वीं रैंक हासिल कर घर-परिवार व गांव के साथ ही समूचे जनपद का सम्मान बढ़ाया है। अभिषेक की शादी इसी साल 26 फरवरी को बीएचयू में चिकित्सक डॉ रुचि वर्मा से हुई।

लक्ष्य के प्रति हो समर्पण, ईमानदारी से करें प्रयास
आईएएस की परीक्षा में 32वीं रैंक हासिल करने वाले अभिषेक वर्मा ने मंसूरी से फोन पर ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने खुद की कामयाबी पर बात तो की ही, छात्र-छात्राओं के लिए बड़ा संदेश भी दिया। कहा कि सही दिशा में पढ़ाई करें और काम के प्रति ईमानदार बनें। 10 किताबों को पढ़ने से ज्यादा जरूरी है एक ही किताब को के्द्रिरत होकर पढ़ें। हिन्दी माध्यम से आईएएस की परीक्षा में कामयाब नहीं हो सकते, इस भ्रम को दिल-दिमाग से निकाल दीजिए। खुद अपनी बात करते हुए अभिषेक ने कहा कि प्राइमरी स्तर की पढ़ाई गांव से की, जबकि हाईस्कूल व इंटर भी जीआईसी बलिया से हिन्दी माध्यम में ही की। यदि सच्ची लगन व मेहनत हो, लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, उसे हासिल करने के लिए ईमानदारी से मेहनत हो तो कामयाबी जरूर मिलेगी। पढ़ाई में नम्बरों की दौड़ में शामिल होने की बजाए कान्सेप्ट पर जोर दें। अभिषेक ने खुद हाईस्कूल व इंटर में 70 प्रतिशत अंक ही हासिल किए हैं।

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  • Web Title:UPSC results 2017 Ballias Abhishek achieved 32nd rank