ज्ञान प्रणाली को विकसित करने से ही राष्ट्र का होगा उत्थान
Balia News - रेवती में गोपालजी महाविद्यालय में 'भारतीय ज्ञान प्रणाली-वर्तमान परिदृश्य एवं विकसित भारत के परिप्रेक्ष्य में भूमिका' विषय पर दो दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रो.सैयद ऐंनुल हसन ने ज्ञान प्रणाली के महत्व पर जोर दिया। प्राचार्य और विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों को प्रेरित करने पर जोर दिया।

रेवती। स्थानीय गोपालजी महाविद्यालय में सोमवार को ‘भारतीय ज्ञान प्रणाली-वर्तमान परिदृश्य एवं विकसित भारत के परिप्रेक्ष्य में भूमिका’ विषयक दो दिवसीय गोष्ठी हुई। शुभारंभ मुख्य अतिथि मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय हैदराबाद के पूर्व कुलपति प्रो.सैयद ऐंनुल हसन ने प्रबंधक अशोक कुमार श्रीवास्तव की उपस्थित में मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर व दीप जलाकर किया। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने अतिथियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। विषय वस्तु को रेखांकित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली को जानने के लिए हमें पेड़ पर कौन सा फल लगा है पहचानने के साथ उसके जड़ को देखना चाहिए, जिसे हमने देखना बंद कर दिया है।
ज्ञान प्रणाली को विकसित किए बिना विकसित भारत की परिकल्पना को साकार नहीं हो सकेगा। विशिष्ट अतिथि काशी विद्यापीठ वाराणसी के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं डीन प्रो.अरविंद पांडेय ने कहा कि विद्यार्थी को जिज्ञासु होना चाहिए। अध्यक्षता करते हुए जेएनसीयू के कुलपति प्रो.संजीत कुमार गुप्त ने कहा कि विद्यार्थियों को बातों से प्रेरणा लेना चाहिए। इस मौके पर संयोजक देवेंद्र सिंह, गुरूशरण वर्मा, संतोष सिंह, राजीव श्रीवास्तव, डॉ. काशीनाथ सिंह आदि थे। संचालन प्रवक्ता जितेन्द्र दूबे ने किया।
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