शहीद पत्रकार रामदहिन ओझा को दी गई श्रद्धांजलि
Balia News - बलिया में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन के पहले शहीद पत्रकार पंडित रामदहिन ओझा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। टीडी कॉलेज चौराहे पर उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र ने कहा कि ओझा ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अंग्रेजों के खिलाफ लेखनी चलाई।

बलिया। स्वतंत्रता के लिए महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में प्रथम शहीद पत्रकार पंडित रामदहिन ओझा की पुण्यतिथि पर लोगों ने बुधवार को उन्हें याद किया। रामदहिन ओझा स्मारक ट्रस्ट की ओर से शहर के टीडी कॉलेज चौराहा पर उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजली दी गयी। माल्यार्पण के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र ने कहा कि रामदहिन ओझा प्रारम्भिक शिक्षा के बाद कलम के जरिए स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए मातृभूमि के लिये समर्पित हो गये थे। कम उम्र में ही उनकी कलकत्ता व बलिया में स्वतंत्रता आंदोलन के योद्धाओं के बीच पहचान बन चुकी थी। उन्होंने कलकत्ता के साथ ही बलिया को अपना कार्यक्षेत्र बनाया।
आजादी के लिए अनुप्रेरक लेखनी व ओजस्वी भाषण के चलते अंग्रेजों ने उन्हें बंगाल तथा बाद में बलिया व गाजीपुर से निष्कासन का आदेश दे दिया। उनकी कविताओं पर अंग्रेजी हुकूमत ने प्रतिबंध लगा दिया। 18 फरवरी 1931 को बलिया के जेलर व जिला प्रशासन ने मृतप्राय सेनानी रामदहिन ओझा को प्रसिद्ध वकील ठाकुर राधामोहन सिंह के आवास पर रात के अंधेरे में पहुंचा दिया, जहां उनकी मौत हो गयी। श्रद्धाजंली देने वालों में उनके पौत्र वरिष्ठ पत्रकार डॉ. प्रभात ओझा, अजय उपाध्याय 'बबुआ', अरविंद शुक्ल, शिक्षक नेता सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी, भाजपा के जिला मंत्री अरुण सिंह बंटू, विनोद तिवारी, जैनेन्द्र पाण्डेय मिंटू, करुणानिधि तिवारी,अवनीश शुक्ल, हरिशंकर राय, संतोष सिंह, पंकज राय, श्यामनारायण तिवारी, डा. भवतोष पाण्डेय, विनय सिंह, गिरीश तिवारी आदि थे।
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