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बारिश से शहर के वीआईपी मोहल्ले बने तरणताल

हिन्दुस्तान टीम,बलियाPublished By: Newswrap
Thu, 29 Jul 2021 03:30 AM
बारिश से शहर के वीआईपी मोहल्ले बने तरणताल

बलिया। संवाददाता

समय से पहले पहुंचे मानसून ने नगरपालिका के नाला-नाली के सफाई व मरम्मत कार्य की पोल खोल दी है। शहर के एक दर्जन मोहल्लों में जल जमाव के चलते लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। नगरपालिका के अधिकारियों, कर्मचारियों की उदासीनता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जुलाई महीना का अंतिम सप्ताह चल रहा है, लेकिन अब भी सभी नालों की साफ-सफाई पूर्ण नहीं हो सकी है। पिछले दो महीनों से हो रही बारिश से शहर के काजीपुरा, आवास-विकास, श्रीराम विहार, टैगोरनगर, आनन्दनगर, बेदुआ, निहोरानगर समेत एक दर्जन मुहल्ले के लोग जल जमाव से या तो किराए पर अन्य मुहल्लों में रह रहे हैं या फिर अपने घरों में कैद हैं। यही नहीं, बारिश से शहर की विभिन्न सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भर गया है। एससी कॉलेज के पास एनएच पर घुटने भर जमा पानी के बीच लोग आने-जाने को मजबूर हैं। जल भराव से व्यथित मुहल्लों वासियों का कहना है कि वह रहते तो शहर में हैं, लेकिन बरसात में उनकी स्थिति गांव से भी बदहाल है।

रतसर। स्थानीय कस्बे के सदर बजार के पीछे स्थित गड्ढा, जिसे ताल कहा जाता है, इस साल लगातार बारिश के चलते करीब 50 एकड़ से अधिक खेतों में अब तक धान की रोपाई नहीं हो सकी है। इसे लेकर किसानों में आक्रोश गहराता जा रहा है।

ताल में जल भराव की समस्या बीते तीन वर्षों से बनी हुई है। इसका प्रमुख कारण नगर के मुहल्लों के पानी निकासी की व्यवस्था का नहीं होना है। इसके लिए किसानों ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा तक समाधान के लिए गुहार लगायी। मांग की थी कि मेउली रोड के किनारे नाला बनाया जाय ताकि उनके खेतों को जल भराव से मुक्ति मिले। यही नहीं जब कस्बा ग्राम पंचायत नगर पंचायत बना तो किसानों को उम्मीद जगी थी कि उनकी समस्या का समाधान हो सकेगा। लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है। नगर पंचायत रतसर से छतवा-सिकरिया सहित पकड़ी- मेउली मार्ग होते हुए ब्रह्म स्थान तक पानी भर गया है। लगातार बारिश के चलते कस्बा के इद्रीस कटरा से छतवा मार्ग तक जाने वाली कच्ची पानी में डूब गया है। वहीं दलित बस्ती में पानी भर गया है। इसको लेकर किसानों में आक्रोश है।

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