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कम अंक मिलने पर उग्र हुए छात्र, लगाया जाम

हिन्दुस्तान टीम,बलियाPublished By: Newswrap
Wed, 04 Aug 2021 03:22 AM
कम अंक मिलने पर उग्र हुए छात्र, लगाया जाम

बलिया। संवाददाता

बिना परीक्षा के आए परिणाम में कम अंक मिलने से नाराज छात्रों व उनके परिजनों ने मंगलवार को स्कूल में जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उग्र छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

सीबीएसई का 10वीं का परीक्षा परिणाम मंगलवार की दोपहर जारी हुआ। शहर के जगदीशपुर में स्थित सेंट थॉमस स्कूल के दर्जनों छात्रों का रिजल्ट में अंक कम था। इसके बाद उन्होंने एक-दूसरे से फोन पर सम्पर्क किया और स्कूल पर पहुंच गये। विद्यालय के सामने जुटे छात्रों व उनके परिजनों ने विशुनीपुर-जगदीशपुर चौराहा मार्ग को जाम कर दिया। इसके चलते इस व्यस्त सड़क पर आवागमन ठप पड़ गया। जानकारी होते ही सीओ बांसडीह भूषण वर्मा, नगर कोतवाल बालमुकुंद मिश्र, एसओ दुबहड़ अनिल चंद तिवारी, महिला एसओ सरोज यादव व चौकी इंचार्ज ओक्डेनगंज रोहन राकेश सिंह पहुंच गये। पुलिस ने सड़क पर बैठे छात्रों व उनके परिजनों को समझा-बुझाकर विद्यालय के अंदर ले गये। इसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी। स्कूल के अंदर पहुंचे प्रिंसपल व व्यवस्थापक से बातचीत करने के की मांग पर अड़े रहे। हालांकि काफी प्रयास के बाद भी स्कूल प्रशासन का कोई व्यक्ति बातचीत के लिये मौजूद नहीं हो सका। कोतवाल के आश्वासन के बाद छात्र शांत होकर वापस लौटने को राजी हो सके। कोतवाल ने कहा कि कल यानि बुधवार को प्रधानाचार्य से छात्रों की भेंट करायी जायेगी ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके।

चहेतों का अधिक नम्बर देने का आरोप

बलिया। शहर के जगदीशपुर में स्थित सेंट थॉमस स्कूल के छात्रों का आरोप था कि स्कूल प्रशासन ने चहेतों छात्रों को अधिक नम्बर दे दिया। छात्रा कशिश गुप्ता ने सवाल किया कि स्कूल की सभी परीक्षा में उसे बेहतर अंक मिले हैं, जबकि बोर्ड के परिणाम में मेरा नम्बर मात्र 49 प्रतिशत कैसे हो गया? इसी प्रकार बोर्ड की ओर से जारी परिणाम में निखिल के 49, आदर्श पांडेय को 48, सुधांशु सिंह के 75, ज्ञानप्रकाश सिंह को 50 व आदित्य दूबे का मात्र 47 प्रतिशत अंक मिले हैं। उनका दावा है कि सभी छात्र-छात्राओं को स्कूल की सभी परीक्षाओं में 90 से 95 फीसदी तक अंक हासिल हुए हैं। छात्रों का कहना था कि स्कूल की ओर से ही बोर्ड को कम नम्बर जानबूझकर भेजा गया है। जबकि चहेते छात्रों का नम्बर बढ़ाकर भेजा गया है। इनमें स्कूल स्टाफ के बच्चे भी शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि कम नम्बर होने के चलते उनका अगली कक्षा में बेहतर विषय के साथ प्रवेश मिलना मुश्किल है। स्कूल की लापरवाही से कैरियर खराब होने का डर सता रहा है।

कुंवर कानवेंट के छात्र कर चुके हैं हंगामा

इससे पहले सीबीएसई 12वीं के छात्रों ने सोमवार को कुंवर कान्वेंट स्कूल सहतवार में हंगामा किया था। उन्होंने भी स्कूल प्रशासन पर जानबूझकर बोर्ड को कम नम्बर भेजने का आरोप लगाया था। हालांकि स्कूल प्रशासन ने उनके आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। प्रधानाचार्य आद्याशंकर सिंह ने कहा है कि छात्रों का मूल्यांकन सीबीएसई ने तीन साल के परीक्षा परिणाम के आधार पर मार्डरेशन कर निकाला है। इसमें विद्यालय प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है। उधर, लोगों का कहना है कि चूंकि इस बार परिणाम बगैर परीक्षा दिये छात्रों के औसत अंकों के आधार पर तैयार हुआ है। लिहाजा विद्यालयों की ओर से बोर्ड को भेजे गये अंक महत्वपूर्ण साबित हुए हैं। कुछ स्कूलों की ओर से जानबूझकर भी कुछ छात्रों के अंक कम भेजे गये हैं। ऐसे में छात्रों की नाराजगी भी वाजिब है।

गैर स्कूलों का भी कागजों में लेते हैं प्रवेश

सीबीएसई से मान्यता प्राप्त कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जो बगैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्र-छात्राओं का अपने यहां प्रवेश लेते हैं। बिना मान्यता के संचालित होने वाले विद्यालयों से एडमिशन के नाम पर मोटी रकम ली जाती है। बोर्ड की ओर से रिजल्ट तैयार करने के लिये मांगे गये औसत अंक को भेजने के लिये इस तरह का काम करने वाले स्कूलों की ओर से वूसली की गयी है। कुछ छात्रों का आरोप है कि खुद के स्कूल के छात्रों का अंक कम व दूसरे स्कूलों के छात्रों का अधिक अंक भेजा गया है।

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