वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही पर दिया जोर
Balia News - बलिया, वरिष्ठ संवाददाता। आपराधिक न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने और अपराधियों को त्वरित

बलिया, वरिष्ठ संवाददाता। आपराधिक न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने और अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने के उद्देश्य से निदेशक अभियोजन ललित मुद्गल सोमवार को यहां पहुंचे। अभियोजन कार्यालय में जिले के सभी शासकीय अधिवक्ताओं (डीजीसी, एडीजीसी) और अभियोजन अधिकारियों (एसपीओ, एपीओ) के साथ बैठक की।महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) पर बल देते हुए पॉक्सो, दुष्कर्म और महिलाओं से संबंधित अन्य गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने को कहा। गवाहों की सुरक्षा और समय की बचत के लिए पीड़ितों, डॉक्टरों और पुलिसकर्मियों की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराने पर विशेष जोर दिया।
कहा कि इससे न केवल गवाहों को सुरक्षित माहौल मिलता है, बल्कि सरकारी राजस्व की भी भारी बचत होती है। मुद्गल ने स्पष्ट किया कि यदि कोई आरोपी ट्रायल प्रक्रिया के दौरान फरार हो जाता है तो कानून के नए प्रावधानों के तहत ट्रायल रुकेगा नहीं, बल्कि कोर्ट की कार्यवाही लगातार चलती रहेगी। गैंगस्टर एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट और एससी/एसटी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में बिना किसी शिथिलता के कड़ी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। छल-कपट और आर्थिक धोखाधड़ी के माध्यम से अर्जित संपत्ति वाले मामलों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई कर पीड़ितों का पैसा वापस कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। बैठक में संयुक्त निदेशक अभियोजन दिनेश त्रिपाठी, जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी पीएन स्वामी, सहायक अभियोजन अधिकारी वीरपाल सिंह थे।
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