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गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने को घेराबंदी

बलिया, संवाददाता। जनपद में गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा करना अधिकारियों के

गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने को घेराबंदी
हिन्दुस्तान टीम,बलियाTue, 14 May 2024 05:30 PM
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बलिया, संवाददाता।
जनपद में गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा करना अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यही कारण है कि बिचौलियों का चक्रव्यूह तोड़ने को लगातार घेराबंदी की जा रही है। हालांकि इसके बावजूद वे अनाज बिहार ले जाने में कामयाब हो जा रहे हैं।

जिले में गेहूं खरीद के लिए विपणन समेत अन्य कई विभागों की ओर से जगह-जगह क्रय केंद्र खोले गये हैं। इसके बावजूद किसानों का रुझान क्रय केंद्रों पर गेहूं बेंचने के प्रति काफी कम है। सरकार की ओर से गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित है। इसमें से 20 रुपये प्रति कुंतल किसानों को तौल कराई नगद देना पड़ता है। इसके साथ ही ट्रैक्टर-ट्राली का किराया व मजदूरों का खर्च अलग से वहन करना पड़ता है। अनाज बेचने के लिए पंजीकरण और अन्य कई तरह की औपचारिकताएं पूरी करनी होती है। जबकि दूसरी ओर, बिचौलिए किसानों के दरवाजे पर से ही साढ़े 23 सौ से 24 सौ रुपये प्रति कुंतल के भाव से गेहूं की खरीदारी कर ले रहे हैं। बताया जाता है कि वह बिहार ले जाकर ऊंचे दाम पर अनाज को बेच रहे हैं। यही कारण है कि केंद्रों पर गेहूं की आवक कम हो गयी है।

इसको देखते हुए विपणन, मंडी व आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को गेहूं के बिहार जाने से रोकने के लिए टीम बनायी गयी है। कुछ जगहों पर टीम ने गेहूं की खेप को पकड़ा भी है। हालांकि इसके बावजूद हर रोज भरौली व मांझी के साथ ही अन्य रास्तों से गेहूं की खेप सीमा पार जा रही है। इस सम्बंध में डिप्टी आरएमओ अविनाश चंद सागरवाल का कहना है कि जनपद से गेहूं बाहर नहीं जा सके इसके लिए टीम गठित किया गया है। अभियान चलाकर आनाज लदे वाहनों को पकड़ा जा रहा है।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।